ओलंपिक मेडलिस्ट और पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 साइना नेहवाल ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन टीम के प्रदर्शन पर देश की भावनाओं को ही दोहराया. NDTV युवा कॉन्क्लेव में साइना ने कहा कि उन्हें एशियन गेम्स में सीनियर बैडमिंटन खिलाड़ियों से थोड़ी और उम्मीद थी, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खेल में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं. टूर्नामेंट में भारतीय बैडमिंटन स्टार्स के प्रदर्शन पर बात करते हुए साइना ने कहा कि अनुभवी खिलाड़ियों का उम्मीद के उलट बाहर होना दुखद था, खासकर तब जब टूर्नामेंट से पहले वे अच्छी फॉर्म में थे. उन्होंने मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में होने वाले भारी दबाव का ज़िक्र किया और कहा कि बड़े दांव वाले मुकाबलों में जल्दी बाहर हो जाना एक सच्चाई है जिसे टाला नहीं जा सकता.
'सीनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से हुई निराश'
सोमवार को NDTV युवा कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा,"मैं कह सकती हूं कि सीनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से मैं थोड़ी निराश हूं. मुझे सात्विक-चिराग और सिंधु से बहुत उम्मीदें थीं क्योंकि मुझे लगता है कि वे पिछले दो महीनों में बहुत अच्छा खेल रहे थे. लेकिन ऐसा होता है, बड़े गेम्स में ऐसा होता है, जैसा मैंने कहा कि कभी-कभी आप गेम्स से पहले कुछ बड़े टूर्नामेंट जीत जाते हैं, लेकिन गेम्स के दौरान आप पर एक्स्ट्रा दबाव, तनाव और टेंशन होती है."
उन्होंने आगे कहा,"आप कभी नहीं जानते कि टॉप 10 या टॉप 15 में से कौन जीत सकता है. और यह गारंटी से नहीं कहा जा सकता कि सिर्फ़ यही खिलाड़ी जीतेगा. लेकिन मुझे उम्मीद थी, क्योंकि सिंधु शानदार फ़ॉर्म में थीं. सात्विक-चिराग भी शानदार फ़ॉर्म में थे. और वे टॉप जोड़ियों के ख़िलाफ़ पहले ही राउंड में हार गए."
उन्नति का चौंकाने वाला प्रदर्शन
साइना ने विमेंस डबल्स के मुकाबलों, खासकर ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद के सफर पर भी बात की और भारत के उभरते हुए टैलेंट के ज़बरदस्त प्रदर्शन में उम्मीद की किरण दिखी. उन्होंने युवा उन्नति हुड्डा का खास ज़िक्र किया, जिन्होंने एक कड़े मुकाबले में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को कड़ी टक्कर दी.
साइना ने कहा,"त्रिशा और गायत्री भी बहुत अच्छा खेल रही थीं. हालांकि, मैंने देखा कि गायत्री के हाथ में थोड़ी अकड़न थी और काफ़ी टेपिंग की हुई थी. तो शायद उन्हें कोई चोट लगी थी, लेकिन मुझे उन्नति से बहुत उम्मीदें थीं. उन्होंने काफी चौंकाने वाला प्रदर्शन किया और अकाने यामागुची के खिलाफ बहुत अच्छा खेलीं- तीन गेम हुए, तीसरे गेम में 17 पॉइंट तक पहुंचीं. कुल मिलाकर मुझे लगता है कि टीम के तौर पर हमने बहुत अच्छा खेला, लेकिन मुझे लगता है कि इंडिविजुअल लेवल पर हम चूक गए."
हालांकि इस टूर्नामेंट में भारत के जाने-माने खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी, लेकिन साइना की बातें यह दिखाती हैं कि खेलों में पासा कितनी तेज़ी से पलट सकता है. साइना नेहवाल ने कहा है कि एशियन गेम्स में जिस तरह से भारतीय सीनियर शटलर्स ने प्रदर्शन किया है, उससे उन्हें निराशा हुई है.
बैडमिंटन से आया सिर्फ एक मेडल
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन टीम का सफ़र निराशाजनक रहा और टीम सिर्फ़ एक ब्रॉन्ज़ मेडल ही जीत पाई. भारत बैडमिंटन के पांचों व्यक्तिगत इवेंट्स में कोई मेडल नहीं मिला. एशियन गेम्स के इस संस्करण में एकमात्र मेडल पुरुषों की टीम का ब्रॉन्ज मेडल रहा. खास बात यह है कि इंचियोन में हुए 2014 के संस्करण के बाद पहली बार, भारतीय शटलर एशियन गेम्स के व्यक्तिगत इवेंट्स में कोई मेडल नहीं जीत पाए. भारत को महिला सिंगल्स, पुरुष सिंगल्स, पुरुष डबल्स, महिला डबल्स, महिला टीम इवेंट या मिक्स्ड इवेंट्स में भी कोई मेडल नहीं मिला.
पुरुषों का ब्रॉन्ज़ मेडल ही भारतीय बैडमिंटन टीम के लिए एकमात्र खुशी का पल रहा. भारत पुरुषों की टीम के सेमीफ़ाइनल में पहुंचकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने में सफल रहा, जबकि महिला टीम को क्वार्टर फ़ाइनल में जापान से हार का सामना करना पड़ा. एक बड़ा झटका तब लगा जब मौजूदा गोल्ड मेडलिस्ट सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को राउंड ऑफ़ 64 में बाई मिलने के बाद, राउंड ऑफ़ 32 में थाईलैंड की मुश्किल जोड़ी पक्कापोन टीरारातसाकुल और पीरात्चाई सुकफुन से चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा. भारतीय पुरुष सिंगल्स स्टार लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी भी क्वार्टर फ़ाइनल से पहले ही हार गए. शेट्टी ने राउंड ऑफ़ 32 में मखसुत ताजीबुल्लायेव को हराया, लेकिन प्री-क्वार्टर में चीनी ताइपे के चाउ टिएन चेन से हार गए.
पुरुष डबल्स की एक और जोड़ी हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन राउंड ऑफ़ 32 में इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी से हार गए, जबकि महिला डबल्स की जोड़ी कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी भी राउंड ऑफ़ 32 में इंडोनेशिया की फेब्रियाना द्विपूजी कुसुमा और मेइलिसा ट्रियास पुस्पितासारी से हार गईं. भारत ने 2023 हांग्जो गेम्स में तीन मेडल जीते थे, लेकिन आइची-नागोया से सिर्फ़ एक ब्रॉन्ज़ मेडल ही ला पाएगा.
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