यह ख़बर 13 जुलाई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

फीफा वर्ल्डकप फाइनल : मेस्सी का सपना तोड़ने को तैयार जर्मनी के शेर

लियोनेल मेस्सी गोल करने के बाद खुशी मनाते हुए

रियो डि जनेरियो:

इतिहास का हिस्सा बनने की कवायद में जुटी जर्मनी की टीम आज माराकाना स्टेडियम में जब फुटबॉल के महाकुंभ के अंतिम पड़ाव पर अर्जेंटीना का सामना करेगी, तो उसका इरादा विश्व खिताब जीतने का लियोनल मेस्सी की टीम का सपना तोड़ने का होगा।

फुटबॉल इतिहास के सर्वश्रेष्ठ विश्वकप में से एक के 64वें मुकाबले में फुटबॉल के दिग्गज महाद्वीपों यूरोप और दक्षिण अमेरिका की टीमें आमने-सामने होंगी। जर्मनी की टीम अमेरिकी महाद्वीप में विश्वकप जीतने वाली पहली यूरोपीय टीम बनने के इरादे से मैदान पर उतरेगी और टीम को उम्मीद है कि अतीत में कुछ मौकों पर काफी करीब आकर चूकने के बाद उनकी यूथ ब्रिगेड इस बार सफल रहेगी।

दूसरी तरफ मेस्सी विश्वकप जीतकर अपने उन आलोचकों को शांत करना चाहते हैं, जिनका तर्क है कि विश्व खिताब की कमी के कारण यह दिग्गज डिएगो माराडोना जैसे महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल नहीं हो सकता।

आक्रामक खेल और बेजोड़ डिफेंस से ब्राजील को सेमीफाइनल में 7-1 से रौंदने के बाद लय जर्मनी के पक्ष में है। टीम ने हालांकि कहा है कि वे इस जीत को पीछे छोड़ चुके हैं और उनकी नजरें अब फाइनल पर हैं। जर्मनी को अपने पिछले चार मेजर टूर्नामेंट में फाइनल या सेमीफाइनल में शिकस्त का सामना करना पड़ा है और टीम ने इस बार अपनी नजरें ऐतिहासिक माराकाना स्टेडियम पर टिका दी हैं।

जर्मनी के स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोसे ने कहा, हमने ब्राजील के खिलाफ मुकाबले का लुत्फ उठाया, लेकिन 24 घंटे के बाद हम इसे भूल गए। अपने जज्बे के दम पर ही जर्मनी ने रियो में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए ग्रुप मुकाबले में घाना को 2-2 से बराबरी पर रोका और फिर अंतिम 16 में अल्जीरिया की कड़ी चुनौती को तोड़ने में कामयाब रहा।

जर्मनी ने क्वार्टर फाइनल में खतरनाक दिख रही फ्रांस की टीम को 1-0 से हराया, जबकि सेमीफाइनल में ब्राजील को रौंद डाला। जर्मनी के लगभग सभी खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं। गोलकीपर मैनुएल नुएर को छकाना विरोधी खिलाड़ियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है, जबकि डिफेंस में मैट्स हुमेल्स के रूप में टीम के पास मजबूत 'दीवार' है। मिडफील्ड में बास्टियन स्वेनस्टीगर और सैमी खेदिरा ने प्रभावित किया है, जिससे टोनी क्रूज और मेसुत ओजिल के लिए गोल करने के काफी मौके बने हैं।

थॉमस मूलर अब तक टूर्नामेंट में पांच गोल दागकर विरोधी खेमे में तहलका मचाने में सफल रहे हैं, जबकि 36-वर्षीय मिरोस्लाव क्लोसे ने भी दो गोल किए हैं और वह विश्वकप के इतिहास में सर्वाधिक गोल दागने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। जर्मनी ने टूर्नामेंट में अब तक 17 गोल किए हैं, जो अर्जेंटीना की गोलों की संख्या से दोगुने से भी अधिक है। टीम की ओर से अब तक आठ खिलाड़ी गोल करने में सफल रहे हैं।

दूसरी तरफ जर्मनी के आक्रमण की बराबरी करने के लिए अर्जेंटीना की नजरें बार्सीलोना के सुपरस्टार मेस्सी पर टिकी हैं। चार बार का दुनिया का यह सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मौजूदा टूर्नामेंट में 2006 और 2010 की निराशा को पीछे छोड़ने के इरादे से उतरा है।


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