रविवार को एशियाई खेलों में पूल बी के अपने पहले मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम ने कमजोर उज़्बेकिस्तान को 19-0 से बुरी तरह हराया, जिसमें दीपिका ने अकेले आठ गोल किए. उम्मीद थी कि यह मैच एकतरफ़ा होगा और ऐसा ही हुआ, क्योंकि उज़्बेकिस्तान का डिफेंस भारत के लगातार हमलों का कोई जवाब नहीं दे पाया. भारत की तरफ से इस मुकाबल में स्टार फॉर्वड दीपिका सहरावत ने रिकॉर्ड 8 गोल दागे. दीपिका ने मैच में लगातार बेहतरीन पेनल्टी कॉर्नर्स का इस्तेमाल करते हुए 8 गोल किए और एशियन गेम्स के इतिहास में किसी एक मैच में व्यक्तिगत रूप से सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया.
इस मुकाबले में मैदान पर दोनों टीमों के बीच का अंतर साफ दिख रहा था क्योंकि भारत ने शुरुआत से ही गोलों की बारिश कर दी थी. भारत के लिए दीपिका ने 8वें, 22वें, 25वें, 33वें, 36वें, 38वें, 41वें, 54वें मिनट में गोल किए. जबकि लालरेम्सियामी ने 7वें, इशिका ने 11वें, 42वें और 54वें मिनट में गोल दागे. बलजीत कौर (12वें), नेहा (18वें), नवनीत कौर (23वें, 45वें), लालथान्तुआंगी (43वें, 51वें) और साक्षी राणा (43वें) ने भी इस एकतरफ़ा मुक़ाबले में गोल किए. भारत अपना अगला मैच सोमवार को इंडोनेशिया के ख़िलाफ़ खेलेगा.
भारत, जो इस प्रतियोगिता में दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम है, ने उज़्बेक डिफेंस को छकाते हुए पहले हाफ़ में ही आठ गोल दाग दिए. यह मैच पूरी तरह से एकतरफ़ा था और दोनों टीमों के कौशल के स्तर में साफ़ अंतर दिख रहा था. शुरुआत तब हुई जब लालरेम्सियामी ने पास से एक फ़ील्ड गोल किया और एक मिनट बाद बढ़त को दोगुना कर दिया.
इसके बाद इशिका ने सुनेलिता टोप्पो के पास पर सर्कल के बाईं ओर से शानदार फ़र्स्ट-टाइम फ़िनिश के साथ गोल किया. एक मिनट बाद, बलजीत ने स्कोर 4-0 कर दिया और फिर नेहा ने एक और फ़ील्ड गोल करके अपना नाम स्कोरशीट में दर्ज कराया. इसके बाद दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर से निचले दाएं कोने में ज़बरदस्त ड्रैग-फ़्लिक के साथ अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 6-0 कर दिया.
नवनीत ने भी फ़ील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम जोड़ा और फिर दीपिका ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को पहले हाफ़ में 8-0 की मज़बूत बढ़त दिला दी. उज़्बेकिस्तान के लिए हालात और भी खराब हो गए क्योंकि भारतीय खिलाड़ियों ने आखिरी दो क्वार्टर में 11 गोल दाग दिए.
भारत की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने अपना 320वां इंटरनेशनल मैच खेला और वंदना कटारिया के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं. उन्हें खेल में ज़्यादा दखल देने की ज़रूरत नहीं पड़ी क्योंकि उज़्बेक खिलाड़ी गेंद पर कब्ज़ा बनाए रखने के लिए संघर्ष करते रहे.
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