चार वेट लिफ्टरों सहित कुल नौ खिलाड़ी पिछले महीने केरल में आयोजित हुए 35वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान डोपिंग टेस्ट में नाकाम रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स (2006) की गोल्ड मेडल जीतने वाली वेट लिफ्टर गीता रानी (पंजाब), हरजीत कौर (हरियाणा), कोमल वकाले (महाराष्ट्र) और पी. कोम (चंडीगढ़) राष्ट्रीय खेलों के दौरान किए गए टेस्ट में असफल रहीं, जबकि हैमर थ्रो खिलाड़ी के एम. रचना (पंजाब) भी दोषी खिलाड़ियों में शामिल हैं। राष्ट्रीय खेलों में गीता ने गोल्ड और हरजीत, पी. कोम व कोमल ने सिल्वर मेडल जीते, इसके अलावा के एम. रचना ने सिल्वर मेडल जीता था।
डोपिंग टेस्ट में फेल होने वाली सभी महिला खिलाडियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। इन खिलाडियों के संघ बी नमूने के टेस्ट के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद खिलाड़ियों पर ज्यादा से ज्यादा चार साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी ने जनवरी 2015 से पहली बार डोपिंग का अपराध करने वाले खिलाड़ी का प्रतिबंध दो से बढा कर चार साल कर दिया था। इन खिलाडियों के बी नमूने के टेस्ट के परिणाम भी अगर इसी तरह के पाए जाते हैं तो राष्ट्रीय खेलों में इन खिलडियों द्वारा जीते गए पदक जब्त कर लिए जाएंगे।
भारतीय वेट लिफ्टिंग संघ के उपाध्यक्ष सहदेव यादव ने पुष्टि की है कि चार वेट लिफ्टरों को प्रतिबंधित दवा लेने का दोषी पाया गया है। इस बीच केरल राष्ट्रीय खेलों के सीइओ जैकब पुननूस ने स्वीकार किया है 10 में से नौ खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं, लेकिन उन्होंने इस बारे ब्यौरा देने से इंकार कर दिया।
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