एशियन गेम्स 2026 के पुरुष जेवलिन फाइनल में इस बार सबसे बड़ा नाम नीरज चोपड़ा नहीं होगा. चोट के कारण नीरज इस प्रतियोगिता से बाहर हैं और ऐसे में भारत की उम्मीदें रोहित यादव और यश वीर सिंह पर टिकी होंगी. भारत ने पिछले दो एशियन गेम्स में जावेलिन थ्रो का स्वर्ण पदक जीता है. 2018 जकार्ता और 2023 हांगझोऊ में नीरज चोपड़ा ने देश को गोल्ड दिलाया था. अब उनकी गैरमौजूदगी में रोहित और यश पर यह जिम्मेदारी होगी कि वे पदक की परंपरा को बरकरार रखें.
रोहित यादव से सबसे ज्यादा उम्मीद क्यों?
रोहित यादव शानदार फॉर्म में हैं. उन्होंने अगस्त 2026 में भुवनेश्वर में 87.68 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था, जो इस सीजन में एशियन गेम्स की एंट्री सूची में शीर्ष खिलाड़ियों के बीच सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक है. यह भारतीय इतिहास का नीरज चोपड़ा के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी माना जा रहा है.
रोहित का करियर बेस्ट: 87.68 मीटर
यश वीर सिंह क्या कर सकते हैं?
यश वीर सिंह लगातार प्रगति कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता था और उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 85.41 मीटर है. एशियन गेम्स में वह भारत के दूसरे मजबूत दावेदार होंगे. यश वीर का करियर बेस्ट थ्रो 85.41 मीटर.
नीरज चोपड़ा से तुलना
नीरज चोपड़ा का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ: 90.23 मीटर
रोहित यादव का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ: 87.68 मीटर
यश वीर सिंह का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ: 85.41 मीटर
साफ है कि नीरज अभी भी भारतीय जावेलिन के सबसे बड़े नाम हैं, लेकिन रोहित और यश अब उस स्तर के करीब पहुंचते दिख रहे हैं जहां वो एशियाई स्तर पर पदक के लिए चुनौती दे सकें.
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