भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को यहां फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता. अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद वाली भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन टीम को 5-3 से हराया. तेज हवाओं के बीच खेले गए मुकाबले में पहले दो सेट बराबरी पर छूटे; दोनों टीमों ने क्रमशः 54 और 56 पॉइंट हासिल किए और पॉइंट आपस में बांटे.
मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन कांग चेयॉन्ग, ओह येजिन और ली युनजी वाली कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई. उन्होंने लगातार तीन बार 8 पॉइंट हासिल किए, जिससे उनका कुल स्कोर 52 रहा, जबकि भारतीय तीरंदाजों ने 55 पॉइंट हासिल करके सेट अपने नाम किया.
चौथे सेट में कोरिया ने 54 पॉइंट बनाए। कीर्ति ने 8 के साथ शुरुआत की, जिसे बाद में बदलकर 9 कर दिया गया. इससे भारत का कुल स्कोर 54 हो गया और स्कोर बराबर हो गया, जिससे सेट ड्रॉ रहा और भारत ने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया. इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में पहली बार जगह बनाई थी. भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने हांग्जो में हुए 2023 एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था.
इंडिया आर्चरी कोच लोकेश चंद एनडीटीवी से बात करते हुए कहते हैं,"कोरिया 10 बार की ओलंपिक चैंपियन है. वह 1978 के बाद से कभी भी फाइनल में नहीं हारी है. हमारी टीम युवा है. इस टीम की सबसे सीनियर खिलाड़ी अंकिता रहीं, जो 26 साल की हैं और इसीलिए हमने देखा कि वह टीम को लीड कर रही थीं."
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