Bengaluru MBBS Seat Scam: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. बागलगुंटे पुलिस थाने में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर ने मेडिकल एडमिशन रैकेट और कथित दलाल नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि कुछ लोगों ने निजी मेडिकल कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा सीट दिलाने का झांसा देकर रसूखदार और संपन्न परिवारों से करोड़ों रुपये वसूले. एक मामले में डॉक्टर और उसके पति पर 1.40 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा है, जबकि दूसरे मामले में एक राजनीतिक परिवार से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की जांच में जुट गई है.
MBBS सीट दिलाने के नाम पर बड़ा खेल
बेंगलुरु में सामने आए इस कथित मेडिकल सीट घोटाले ने निजी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मैनेजमेंट कोटा में MBBS सीट दिलाने का भरोसा देकर लोगों से भारी रकम वसूली. मामले में डॉक्टर, उसके पति और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है.
डॉक्टर दंपति पर 1.40 करोड़ की ठगी का आरोप
पहले मामले में राजीव रंजन कुमार और उनकी पत्नी स्मिता ने शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक उनकी बेटी NEET के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं पा सकी थी. इसके बाद परिवार निजी मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटा के जरिए सीट की तलाश कर रहा था. इसी दौरान उनकी मुलाकात डॉ. शिल्पा अरावली से हुई, जो तुमकुर रोड स्थित प्रक्रिया अस्पताल से जुड़ी बताई गई हैं.
“मेडिकल कॉलेज में मजबूत संपर्क” का दावा
एफआईआर के अनुसार, डॉ. शिल्पा ने दावा किया कि उनके निजी मेडिकल कॉलेजों में मजबूत संपर्क हैं और वे मैनेजमेंट कोटा के तहत MBBS सीट दिलवा सकती हैं. परिवार ने भरोसा करते हुए एडमिशन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए सहमति दे दी.
नकद और RTGS से लिए गए करोड़ों रुपये
शिकायत के अनुसार, सबसे पहले आरोपियों ने अस्पताल के पार्किंग क्षेत्र के पास 35 लाख रुपये नकद लिए. इसके बाद शिकायतकर्ता को शेष रकम पी. किरण कुमार के बैंक खाते में RTGS के जरिए ट्रांसफर करने को कहा गया. पुलिस के मुताबिक जुलाई से सितंबर 2023 के बीच चार किश्तों में करीब 1.05 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. इस तरह कुल 1.40 करोड़ रुपये आरोपियों को दिए गए.
पैसे लेने के बाद टालमटोल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद आरोपियों ने सीट दिलाने की प्रक्रिया लगातार टाली. 28 दिसंबर 2023 को कथित तौर पर डॉ. शिल्पा ने कहा कि वे MBBS सीट की व्यवस्था नहीं कर पा रही हैं और अतिरिक्त समय मांगा. परिवार लगातार पैसे वापस मांगता रहा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला.
अस्पताल में हुई बैठक भी बेनतीजा
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 23 मार्च 2024 को प्रक्रिया अस्पताल में दोनों पक्षों की मुलाकात हुई. इसके बावजूद न तो सीट मिली और न ही धनराशि वापस की गई. आखिरकार पीड़ित परिवार ने पुलिस का रुख किया.
दूसरा मामला: राजनीतिक परिवार से ठगी का आरोप
दूसरी एफआईआर में राजनीतिक नेता गोपालप्पा ने रमेश बाबू नामक व्यक्ति पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. शिकायत के मुताबिक आरोपी ने उनकी पोती को श्रीदेवी मेडिकल कॉलेज और राजराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने का भरोसा दिया. आरोप है कि आरोपी ने एक ब्लैंक चेक हासिल कर 35 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए और बाद में 39 लाख रुपये की अतिरिक्त ठगी की कोशिश की.
पुलिस ने दर्ज किया केस
बागलगुंटे पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 406 (आपराधिक न्यासभंग), 420 (धोखाधड़ी) और 34 (समान आशय से अपराध) के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस धन के लेन-देन, बैंक खातों और मेडिकल एडमिशन नेटवर्क की जांच कर रही है.
यह भी पढ़ें : 'यह प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के अधिकारों पर डकैती'; NEET UG 2026 रद्द होने के बाद कमलनाथ का बड़ा बयान
यह भी पढ़ें : 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा; इंदौर में महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारी के ठिकानों पर छापा
यह भी पढ़ें : MP में सरकारी नौकरी से खत्म होगी दो बच्चों की शर्त; CM मोहन ने निरस्त किए प्रस्तावित नियम, पोर्टल से भी हटाया
यह भी पढ़ें : नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास; छत्तीसगढ़ में नक्सल पीड़ित परिवार गुस्से में, विधानसभा अध्यक्ष का बंगला घेरेंगे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं