गुरुग्राम से पति अभिषेक के साथ अजमेर घूमने आईं स्टेफी जैन साइबर ठगी की शिकार हो गईं. उनके मोबाइल फोन पर APK फाइल डाउनलोड करवार एक लाख से अधिक रुपये बैंक खातों से ट्रांसफर कर लिए. स्टेफी जैन ने साइबर क्राइम में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
गलत होटल बुक हो गया था
स्टेफी जैन ने बताया कि वह अगोड़ा वेबसाइट के माध्यम से होटल बुक कर रही थीं. गलती से अजमेर की बजाय जयपुर का होटल बुक हो गया. बुकिंग रद्द कराने और रिफंड लेने के लिए उन्होंने अगोड़ा के कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया. पीड़िता के अनुसार, कथित कस्टमर केयर ने उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति से व्हाट्सएप कॉल पर जोड़ दिया. व्हाट्सएप पर अगोड़ा का लोगो दिखाई देने से उन्हें भरोसा हो गया कि कॉल कंपनी की ओर से ही है.
एपीके फाइल भेजकर कराया डाउनलोड
कॉलर ने उन्हें 'Customer Support APK' नाम की एक एपीके फाइल भेजी. उसे डाउनलोड करने के लिए कहा. फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस ठग के पास पहुंच गया, और उसने स्क्रीन भी अपने फोन पर शेयर कर ली. कुछ देर बाद मोबाइल की स्क्रीन ब्लैक हो गई, जिससे पीड़िता को शक हुआ. उन्होंने तुरंत फोन स्विच ऑफ कर दिया, लेकिन तब तक शातिर ठग उनके बैंक खाते से अलग-अलग खातों में 1 लाख 35 हजार रुपये ट्रांसफर कर चुका था.
ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई
घटना के बाद पीड़िता ने साइबर क्राइम ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठगों ने रिमोट एक्सेस एपीके के जरिए मोबाइल और बैंकिंग जानकारी हासिल कर वारदात को अंजाम दिया.
साइबर विशेषज्ञाें ने लोगों से की अपील
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कंपनी के नाम पर भेजी गई, एपीके फाइल डाउनलोड न करें. व्हाट्सएप कॉल पर स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस की अनुमति न दें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं.
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