Rajasthan News: जाली नोटों के बड़े नेटवर्क पर राजस्थान की बांसवाड़ा पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है. जाली नोट प्रकरण में पिछले 8 माह से फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है.
पुलिस के अनुसार दिनांक 18 मार्च 2025 को आरोपी महेश कटारा के रिहायशी मकान से 1 लाख 39 हजार 300 रुपये के जाली नोट बरामद किए गए थे. अनुसंधान के दौरान महेश कटारा से जाली नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर भी जब्त किया गया था. मामले में पहले ही 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी.
पुलिस कार्रवाई के डर से पिछले 8 माह से फरार था आरोपी
अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी चम्पा तम्बोलिया ने अपने साथी कमलेश तम्बोलिया के साथ मिलकर नकली नोट छापे थे और बाद में ये नोट कमलेश से लेकर बाजार में खपाए गए. जब कमलेश तम्बोलिया की गिरफ्तारी हुई, तब चम्पा तम्बोलिया पुलिस कार्रवाई के डर से पिछले 8 माह से फरार हो गया था.
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया. टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए आरोपी के परिजनों और रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली. इसी दौरान मुखबिर से गोपनीय सूचना मिली कि आरोपी गुजरात में राजकोट के आगे मजदूरी का कार्य कर रहा है और कभी-कभी कस्बा ध्रोल, जिला जामनगर में राशन लेने आता-जाता है.
ऐसी आरोपी तक पहुंची
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ठेकेदार बनकर कस्बा ध्रोल पहुंची और मजदूरों को काम देने के बहाने जानकारी जुटाई. राजस्थान के मजदूरों को चिन्हित कर विश्वास में लिया गया, जिससे पता चला कि आरोपी मौजा वांकिया में कपास के खेत में काम कर रहा है. इसके बाद पुलिस टीम ठेकेदार बनकर गांव वांकिया पहुंची और कपास बीनने के बहाने संपर्क किया. मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिये के व्यक्ति से पूछताछ की गई, जिसने अपना नाम चम्पा पिता माना तम्बोलिया निवासी खुटा गलिया बताया. पहचान पुख्ता होने पर उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
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