राजस्थान के झालावाड़ जिले की अकलेरा थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी के एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये गिरोह बिहार और राजस्थान में गरीब और अनाथ नाबालिग लड़कियों को शादी का झांसा देकर राजस्थान लाता था और मोटी रकम लेकर उनकी शादी करवा देता था. मामले में एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की खरीद-फरोख्त कर उसे राजस्थान लाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और शादी कराने का खुलासा हुआ है.
ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और ट्रॉली से रास्ता रोका
पुलिस को 7 जुलाई को सूचना मिली थी कि अकलेरा क्षेत्र के मदनपुरिया गांव में शादी के नाम पर बिहार से लाई गई एक नाबालिग बालिका को कुछ लोग जबरन ले जा रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपियों की गाड़ी का पीछा शुरू किया. आरोपी वाहन लेकर भाग निकले. तभी रटलाई क्षेत्र में ग्रामीणों की मदद से सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर रास्ता बंद कर दिया. गाड़ी से 6 लोगों के साथ नाबालिग बालिका को बरामद किया गया, जिसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया. सभी 6 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया.
ससुराल पसंद नहीं आया तो बच्चियों की कहीं और शादी
ये गिरोह बेहद ही शातिर और संगठित तरीके से काम कर रहा था. आरोपियों ने कबूल किया कि शादी के लिए बच्चियों का सौदा किया जाता था और अगर शादी के बाद विवाद होता या लड़की को ससुराल पसंद नहीं आता तो उसे दूसरी जगह ले जाते थे.
रोहतास और जयपुर में 2 टीमों ने दी दबिश
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने विशेष टीम गठित करते हुए बिहार के रोहतास जिले में भेजी. एक अन्य टीम ने जयपुर में दबिश दी. गिरफ्तार आरोपियों में बिहार निवासी महाराज शाह (25), धर्मेंद्र कुमार (44), झालावाड़ निवासी चौथमल (43) तथा जयपुर निवासी अजय जांगिड़ (36) शामिल हैं. चारों आरोपियों को 28 जुलाई को पॉक्सो कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेजा गया. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, मानव तस्करी के नेटवर्क, नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त और रैकेट से जुड़े आर्थिक लेन-देन के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है.
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