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This Article is From Nov 02, 2017

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने पूछा, धर्म परिवर्तन किस आधार पर हो सकता है?

जब उसके परिवार वाले पुलिस थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की और ये बताया कि लड़की पायल सिंघवी ने कमिश्नर के नाम चिट्ठी दी है कि उसका निकाह अप्रैल में किसी फैज़ मोहम्मद के साथ हो गया है.

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने पूछा, धर्म परिवर्तन किस आधार पर हो सकता है?
  • राजस्थान में एक लड़की के लापता होने की खबर
  • पता करने पर मुस्लिम युवक से शादी का मामला
  • परिवार ने कोर्ट में की अपील.
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए पूछा कि धर्म परिवर्तन किस आधार पर हो सकता है. मामला 25 अक्टूबर का है जब एक लड़की पायल सिंघवी अपना घर छोड़ कर चली गई. जब उसके परिवार वाले पुलिस थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की और ये बताया कि लड़की पायल सिंघवी ने कमिश्नर के नाम चिट्ठी दी है कि उसका निकाह अप्रैल में किसी फैज़ मोहम्मद के साथ हो गया है. लड़की के परिजन ने तब कोर्ट में हेबियस कॉर्पस लगाई ये कहकर कि उनकी बेटी को ब्लैकमेल किया गया है और वो अपने मर्ज़ी से नहीं गई है. फिर कोर्ट में पेशी के दौरान लड़की ने कहा कि वो अपने मर्ज़ी से गयी है और वापस परिवार के पास नहीं जाना चाहती.

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कोर्ट ने उससे अगली पेशी यानी 7 नवम्बर तक नारी निकेतन भेज दिया है.

VIDEO: केरल में लव जेहाद के मामले की सुनवाई

साथ ही डबल बेंच ने ये जानना चाहा कि लड़की का धर्म परिवर्तन किस आधार पर हुआ है और क्या राजस्थान में धर्म परिवर्तन का कोई क़ानून है. लड़की के परिवार वालों का आरोप था कि निकाहनामा जाली है और लड़की के साथ ब्लैकमेल हो रहा है. अगर अप्रैल में उसकी शादी हुई तो अक्टूबर तक वो पुराने नाम यानी पायल सिंघवी के नाम उनके साथ कैसे रह रही थी.
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