राजस्थान कांग्रेस में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है. कभी सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिलती है तो कभी कोई और नेता आमने- सामने आ जाते हैं. अब सोमवार को जयपुर में कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में विधानसभा चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेताओं ने अपनी ही पार्टी के नेताओं और संगठन को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की. दूसरी तरफ राजस्थान कांग्रेस का आलाकमान किसे माना जाए, इसे लेकर भी नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए.
'बीजेपी से नहीं, कांग्रेस से लड़ना पड़ा'
मालवीय नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा से ज्यादा कांग्रेस से लड़ना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से करीब छह महीने पहले ही उनके खिलाफ साजिश शुरू हो गई थी. वहीं हवामहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेता आर. आर. तिवाड़ी ने अपनी हार के लिए पार्टी के भीतर मौजूद लोगों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव में ‘जयचंदों' ने हराया.
कांग्रेस आलाकमान को लेकर पार्टी में विरोधाभास
शांति धारीवाल के इस बयान पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस का आलाकमान सिर्फ राहुल गांधी हैं. उन्होंने धारीवाल के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी उम्र काफी ज्यादा है और वे कोई भी बात कह सकते हैं. उन्हें कौन रोक सकता है. दूसरी ओर, कांग्रेस नेता आर. आर. तिवाड़ी ने शांति धारीवाल के बयान का समर्थन किया.
उन्होंने कहा कि यह सच है कि राजस्थान कांग्रेस का आलाकमान अशोक गहलोत हैं, जबकि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अपनी जगह है. खड़गे साहब, राहुल गांधी और सोनिया गांधी हमारे सबके नेता हैं, लेकिन राजस्थान में तो जो कुछ भी है वह सबको दिख रहा है. कांग्रेस नेता तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत ने क्या नहीं किया? आज अशोक गहलोत जैसा नेता राजस्थान में नहीं है. हम सब उनको इसलिए याद करते हैं. राजस्थान की करोड़ जनता उनको याद कर रही है और कहती है कि मुख्यमंत्री हो तो ऐसा हो जो आम आदमी और गरीब के लिए करें.
अशोक गहलोत के समर्थन में नारे लगने को लेकर हुए विवाद पर आर. आर. तिवाड़ी ने कहा कि आधा भरा हुआ मटका छलकता है, पूरा मटका नहीं छलकता. ऐसे कुछ लोग हर पार्टी में होते हैं. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में नेताओं के इन बयानों के बाद राजस्थान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है.
यह भी पढे़ं-
राजस्थान: पंचायत-निकाय चुनाव में कांग्रेस नए फॉर्मूले पर देगी टिकट, डोटासरा ने तय की ये शर्तें!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं