दिल्ली में राहुल गांधी के हिरासत में लिए जाने के बाद सियासत गरमा गई है. बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के धरने को नौटंकी बताया. राजस्थान बीजेपी के दिग्गज नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि घटता जनाधार और जनाधार को ढूंढने के लिए बैसाखियों के सहारे चलना कांग्रेस की आदत हो गई है. छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन को लेकर जिस प्रकार की नौटंकी दिल्ली में एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे राहुल गांधी ने की है, यह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली है. उन्होंने कहा कि जब आंदोलनकारियों की बात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से हो गई, उस पर बात होनी चाहिए. लेकिन किसी न किसी तरह प्रगति की ओर बढ़ता हिंदुस्तान, तरक्की की ओर बढ़ता हिंदुस्तान और हिंदुस्तान के अंदर जिस प्रकार का आर्थिक विकास हो रहा है, उन मुद्दों पर लोकसभा में बहस नहीं हो, इसलिए इस बार भी एक नौटंकी रची है.
गहलोत के राज में 17 पेपर लीक हुए
उन्होंने कहा, "राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन बातों को लेकर धरने पर बैठते हैं. गहलोत के शासन में एक-दो नहीं, लगातार 17 परीक्षाओं में पेपर लीक हुआ. उनके कार्यकाल में नौकरियां लुटती रहीं. आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने स्वीकार किया था कि उन्होंने आरपीएससी की सदस्यता पैसे देकर ली थी. आज कटारा जेल में बैठे हैं."
"मनमोहन सरकार के मुकाबले आज बेरोजगारी दर आधी"
बीजेपी नेता ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राजस्थान और केंद्र की डबल इंजन सरकार युवाओं को सौगातें दे रही हैं, युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरियां मिल रही हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार मेलों के माध्यम से रोजगार सृजन हो रहा है, यह अद्वितीय है. इस समय देश में बेरोजगारी की दर सर्वाधिक कम है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय से आज बेरोजगारी की दर आधी भी नहीं है. जबकि कांग्रेस के राज में राजस्थान देश के अंदर बेरोजगारी की दर में दूसरे पायदान पर था.
राजस्थान के कैबिनेट मंत्री ने विपक्ष को घेरा

भजनलाल सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का कांग्रेस पर जुबानी हमला.
भजनलाल सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. गोदारा ने कहा कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है. संसद का सत्र चल रहा है और यदि विपक्ष के पास कोई मुद्दा है तो उसे लोकसभा और राज्यसभा में उठाना चाहिए. धरने और विरोध प्रदर्शन की राजनीति जनता के जनादेश का अपमान है. उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्ष को अपनी बात संसद में रखने के लिए चुना है, ना कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के बाहर राजनीतिक प्रदर्शन करने के लिए.
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