राजस्थान के झुंझुनूं से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. जिले में एटीएम में कैश भरने वाली कंपनी सीएमएस से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है. जी, हां कंपनी के दो कर्मचारियों द्वारा एटीएम में जमा किए जाने वाले एक करोड़ रूपए से ज्यादा के कैश में हेराफेरी कर फरार होने का मामला सामने आया है. जिसके बाद ना केवल सीएमएस कंपनी, बल्कि कई बैंकों में हड़कंप मच गया है. प्रारंभिक जांच में ही 83 लाख रुपए से अधिक की नकदी गायब मिली है, जबकि कंपनी का कहना है कि सभी एटीएम की ऑडिट पूरी होने के बाद यह राशि एक करोड़ रुपए से भी अधिक हो सकती है. इस घटना ने न केवल सीएमएस कंपनी, बल्कि संबंधित बैंकों की भी चिंता बढ़ा दी है.
शनिवार से दोनों कर्मचारी गायब
जानकारी के अनुसार सीएमएस कंपनी द्वारा झुंझुनूं, पिलानी और चिड़ावा क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के एटीएम में नकदी भरने का कार्य करती है. कंपनी के कर्मचारी सुजडौला निवासी सुमेर सिंह और संदीप सिंह पिछले करीब एक वर्ष से इस कार्य में लगे हुए थे. शनिवार को दोनों कर्मचारी अचानक लापता हो गए. हैरानी की बात यह रही कि वे कैश वैन में ही सभी एटीएम की चाबियां छोड़कर गायब हो गए.
इसके बाद कंपनी अधिकारियों को पूरे मामले पर संदेह हुआ और दोनों कर्मचारियों की तलाश शुरू की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला. दोनों कर्मचारियों के अचानक गायब होने के बाद सीएमएस कंपनी ने तत्काल उनके जिम्मे आने वाले सभी एटीएम की आंतरिक जांच शुरू करवाई. देर रात तक पिलानी और चिड़ावा क्षेत्र की करीब 17 एटीएम मशीनों की ऑडिट पूरी की गई. जांच में 83 लाख रुपए से अधिक की नकदी कम पाई गई.

ATM कैश वैन
Photo Credit: NDTV
2 मशीनों से ही 38 लाख कैश गायब
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि केवल पिलानी क्षेत्र की एक एटीएम साइट पर लगी दो मशीनों से ही करीब 38 लाख रुपये का कैश गायब मिला है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सभी मशीनों की जांच पूरी होने पर गबन की राशि एक करोड़ रुपए से काफी अधिक हो सकती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएस कंपनी के सीकर शाखा प्रबंधक गौरव सिंह सोलंकी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी.
इसके अलावा पिलानी थाने में दोनों कर्मचारियों सुमेर सिंह और संदीप सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी गई है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कंपनी से सभी एटीएम की अंतिम ऑडिट रिपोर्ट और कुल गबन की राशि उपलब्ध कराने को कहा है.

2016 में भी आई थी तरह की घटना
इसके बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. झुंझुनूं जिले में यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले वर्ष 2016 में भी एटीएम कैश वैन से जुड़े दो कर्मचारी एटीएम में जमा किए जाने वाले लाखों रुपये और कैश वैन लेकर फरार हो गए थे. उस समय भी इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था और कैश मैनेजमेंट सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे.
करीब एक दशक बाद फिर उसी तरह का मामला सामने आने से बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. यदि ऑडिट में गबन की राशि और बढ़ती है तो यह जिले के सबसे बड़े एटीएम कैश घोटालों में शामिल हो सकता है. वहीं पुलिस भी रिपोर्ट मिलने के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू करेगी. पूरे घटनाक्रम ने एटीएम कैश मैनेजमेंट सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रक्रिया पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. (झुंझुनूं से रवींद्र कुमार की रिपोर्ट)
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