पचपदरा रिफाइनरी से निकलने वाले पेट्रोल और डीजल की बिक्री के लिए प्रदेश में नए पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए सरकार ने राजस्थान की 47 यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से जमीन की जानकारी मांगी है. उच्च शिक्षा विभाग ने पेट्रोलियम विभाग के पत्र के आधार पर सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों को जमीन उपलब्धता की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं.
पंपों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा
पचपदरा स्थित HPCL राजस्थान रिफाइनरी से उत्पादित पेट्रोल-डीजल की बिक्री के लिए प्रदेश में पेट्रोल पंपों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. रिफाइनरी परियोजना से हर साल करीब 9 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल को रिफाइन किया जाएगा, इसमें से करीब 4 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल और डीजल की बिक्री का लक्ष्य है. इसके लिए पेट्रोल पंपों की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है.
पेट्रोल पंप के लिए जमीन चिह्नित
राजस्थान यूनिवर्सिटी की 3 जगहों पर करीब 1-1 जगह जमीन पेट्रोल पंप के लिए चिह्नित की गई है. शिक्षण संस्थानों की जमीन का उपयोग पेट्रोल पंप खोलने के लिए किया जाएगा. इसके लिए जमीन को बेचने के बजाय लीज पर देने का प्रस्ताव है. जमीन की उपलब्धता और उपयुक्तता के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी.
जमीन की जानकारी मांगी
सरकार ने विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की जमीन की जानकारी मांगी है, इनमें एमबीएम विश्वविद्यालय, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग ट्रेनिंग सेंटर, अजमेर कॉलेज, जोधपुर का गवर्नमेंट कॉलेज सहित कई संस्थान शामिल हैं.
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