Rajasthan News: जोधपुर के आईआईटी में पेयजल किल्लत को लेकर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्र पानी के टैंकर के पीछे भागते नजर आ रहे हैं. यह दृश्य न केवल चिंताजनक है. बल्कि एक बड़े संस्थान की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े करता है. जहां देश के भविष्य का निर्माण हो रहा है, वहां इस तरह की बुनियादी समस्याएं सामने आना बेहद गंभीर विषय है.
संस्थान प्रशासन का क्या कहना?
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर संस्थान के डायरेक्टर अविनाश अग्रवाल ने स्वीकार किया कि आईआईटी जोधपुर प्रदेश का संभवतः एकमात्र केंद्रीय संस्थान है, जहां नियमित क्लीन वॉटर सप्लाई उपलब्ध नहीं है. उन्होंने बताया कि संस्थान को खुद ही मानकलाव पंपिंग स्टेशन से पानी लाना पड़ता है, जबकि जोधपुर के अन्य संस्थानों को ऐसी व्यवस्था नहीं करनी पड़ती.
IIT Jodhpur Director Avinash Agarwal reacts to the water crisis at the campus pic.twitter.com/YibuFiPbA8
— NDTV (@ndtv) May 2, 2026
वैकल्पिक रूप से पानी लाना पड़ता
हाल ही में दो दिन पहले मानकलाव पंप स्टेशन पर वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण मशीन जल गई थी, जिससे सप्लाई बाधित हो गई. कर्मचारियों ने करीब 30 घंटे की मेहनत के बाद व्यवस्था को बहाल किया. डायरेक्टर ने कहा कि जब भी सप्लाई फेल होती है, तब सुरपुरा से वैकल्पिक रूप से पानी लाना पड़ता है.
उन्होंने इसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी राज्य सरकार की है कि संस्थान तक स्थायी समाधान उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही मुख्य सचिव के दौरे के दौरान उनसे अनुरोध किया जाएगा कि आईआईटी जोधपुर तक सीधी पाइपलाइन बिछाई जाए, ताकि यहां पढ़ने और रहने वाले छात्रों व स्टाफ को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े.
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