राजस्थान के युवा स्टार्टअप कारोबारी रोहित शर्मा ने आत्महत्या कर ली है. लेकिन उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी वजह का अभी पता नहीं चल सका है और मामले की जांच की जा रही है. रोहित ने 18 साल की उम्र में जयपुर में ‘चायवालाज' स्टार्टअप शुरू किया था जो देखते-देखते एक बड़े कारोबार में बदलता चला गया. रोहित ने 18 साल की उम्र में जयपुर के मानसरोवर स्थित शिप्रा पथ पर अपना पहला ‘टी कैफे' शुरू किया था. उन्होंने धीरे-धीरे अपने बिजनेस को 'चायवालाज' चेन के तौर पर बढ़ाया और राजस्थान के कई शहरों में ‘चायवालाज' के कुल सात आउटलेट स्थापित किए. स्टार्टअप की दुनिया में रोहित की गिनती सफल कारोबारी में होने लगी थी और उन्हें कई पुरस्कार भी मिले. लेकिन, रोहित ने करीब छह महीने पहले'चायवालाज' के सभी आउटलेट बंद कर दिए और अध्यात्म का मार्ग अपना लिया. रोहित ने रविवार, 2 अगस्त को राजस्थान के दौसा जिले में स्थित अपने घर में फांसी लगा ली. लेकिन, रोहित शर्मा ने कुछ साल पहले खुद बताया था कि उनके अंदर सुसाइडल खयाल आते थे.
टॉक शो में बताई थी अपनी हालत
रोहित शर्मा ने एक टॉक शो में बताया कि चायवालाज़ शुरू करने के दौरान उन्हें कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. लगभग दो साल पहले अपनी सफलता की यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए रोहित ने बताया था कि एक समय ऐसा आया था जब वो बुरी तरह से कर्ज में फंस गए थे और उन्हें कहीं से कोई सहारा नहीं मिल रहा था. बल्कि इस दौर में उनके अपने दोस्तों ने भी उनकी स्थिति का फायदा उठाया और भारी ब्याज पर कर्ज दिया. रोहित ने इसमें बताया कि उस दौरान हालत ऐसी थी कि 'मैं कमाता 50 हजार रुपये था और 40 हजार रुपये ब्याज के देता था.'

रोहित शर्मा ने टॉक शो में विस्तार से अपने संघर्ष के बारे में बताया था
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एक वीडियो देख आने लगा सुसाइड का खयाल
रोहित ने बताया कि तब उनकी शादी हो गई थी और काम के साथ परिवार का भी भार उनके ऊपर आ गया था, कर्ज बढ़ता जा रहा था और सारे रास्ते बंद हो रहे थे. हताशा में रोहित डिप्रेशन में चले गए. ऐसे में एक व्हाट्सऐप वीडियो ने उन्हें और अंधेरे में डाल दिया. रोहित बताते हैं, "उस वीडियो को देखने के बाद मेरे मन में सुसाइड का खयाल आने लगा. मेरे मन में वह थिंकिंग बैठ गई. इस वजह से सुसाइड तो नहीं हुआ, लेकिन मुझे पैरालिसिस हो गया. वह एक तरह से मेडिकल सुसाइड था."
रोहित कहते हैं कि इसके बाद भी उन्हें कर्ज देनेवाले उनसे पैसे मांगते रहे. रोहित बताते हैं, "मैंने हॉस्पिटल से लेटे हुए ही फोटो भेजी कि मुझे पैरालिसिस हुआ है और मैं जैसे ही ठीक होउंगा पैसे वापस कर दूंगा."

रोहित शर्मा को स्टार्टअप कारोबारी के तौर पर कई पुरस्कार मिले थे
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पत्नी बनी सहारा
इसके बाद रोहित के जीवन में एक बड़ा मोड़ उनकी पत्नी की वजह से आया. डॉक्टरों ने तब रोहित की पत्नी को बताया कि ऐसा डिप्रेशन की वजह से हुआ होगा क्योंकि इतनी कम उम्र में पैरालिसिस आना अस्वाभाविक बात है. डॉक्टर की बात सुनने के बाद रोहित की पत्नी ने परेशानी की वजह पूछी और तब रोहित ने पत्नी को सच बताया. तब उनकी शादी को सिर्फ 4 महीने हुए थे.
पत्नी ने अपने सारे गहने पति को गिरवी रखने के लिए दे दिए. इससे उन्होंने गोल्ड लोन लेकर कर्ज लौटाए और फिर नए सिरे से चायवालाज को खड़ा करने में जुट गए. देखते-देखते चायवालाज एक 4 करोड़ की कंपनी बन गई. लेकिन यह सिलसिला बहुत लंबा नहीं चला. आज से लगभग छह महीने पहले रोहित ने कारोबार बंद कर दिया. वह अध्यात्म की ओर चले गए. और आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया. रोहित के परिवार में पत्नी के अलावा उनका सात साल का एक बेटा भी है.
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