विदेश में नौकरी और मोटी कमाई का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस गिरोह के तार कई देशों से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है. गैंग से जुड़े 5 आरोपी जेल में हैं. आरोपियों ने कई युवाओं को 800 से 1000 अमेरिकी डॉलर हर महीने का लालच दिया था. राजस्थान पुलिस ने गिरोह का भंडोफोड़ किया और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान में जुटी है. आरोपियों ने कबूला कि कई युवाओं को कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम जैसे देशों में स्थित साइबर स्कैम सेंटर भेजा गया. फिर उनसे ठगी का काम कराया जाता था.
विदेश ले जाकर युवाओं का पासपोर्ट किया जब्त
इन युवाओं का पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी जब्त कर लिए जाते थे. जब युवा काम करने के लिए राजी हो जाते, तो उन्हें फर्जी फेसबुक प्रोफाइल, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय नागरिकों को निवेश और क्रिप्टोकरेंसी में अधिक मुनाफे का झांसा देने के लिए मजबूर किया जाता था. ठगी की रकम को अन्य डिजिटल माध्यमों से विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाया जा रहा था.
ब्यावर से 2 और बंगाल से 3 आरोपी गिरफ्तार
जांच के आधार पर, पहले ब्यावर (राजस्थान) निवासी दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया. उनसे मिले डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल से 3 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने मोबाइल फोन, पासपोर्ट, विदेशी दस्तावेज, बिजनेस वीजा से जुड़े रिकॉर्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं.
साइबर पुलिस ने जारी की अपील
साइबर पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की. पुलिस की अपील है कि विदेश में नौकरी के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं.
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