राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी में जयपुर के महत्वपूर्ण नगर निगम टिकट के वितरण का विवाद आखिरकार सुलझ गया है. जयपुर में पार्टी के अंदर टिकटों को लेकर चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा. मुख्यमंत्री कल रविवार, 30 अगस्त को दो बार जयपुर में बीजेपी के कार्यालय पहुंचे. उनकी मौजूदगी में हुई बैठक के बाद ही बीजेपी में टिकटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा सका. आज, 31 अगस्त को नामांकन का अंतिम दिन है. ऐसे में भाजपा के लिए टिकटों को अंतिम रूप देना बेहद अहम हो गया था.
देर रात पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को निकाय चुनाव को लेकर लगातार सक्रिय रहे. वह कल दो बार भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे. पहली बार वो रात लगभग साढ़े आठ बजे वापस लौट गए. लेकिन देर रात 12:30 बजे मुख्यमंत्री दोबारा कार्यालय पहुंचे. मुख्यमंत्री की मौजूदगी में देर रात से आज सुबह तक बैठक चली. इसके बाद ही टिकटों का विवाद सुलझ सका.
जयपुर में बीजेपी कार्यालय में सुबह 4:15 तक बैठकों का दौर चला. आखिर में जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड पर भी प्रत्याशियों के नाम तय किए गए. साथ ही यह भी सहमति बनी कि समय की कमी को देखते हुए सीधे प्रत्याशियों को फोन किए जाएंगे.
टिकटों का विवाद
जयपुर के टिकटों को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन और विवाद चल रहा था. दरअसल विधायकों की पसंद और संगठन के प्रस्तावित नामों को लेकर कुछ वार्डों में पेच फंसा हुआ था. आखिरकार मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर विवादित नामों पर सहमति बनाने की कोशिश की. इसके बाद जयपुर नगर निगम के टिकटों को लेकर बीजेपी विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच सहमति बन सकी.
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