- राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त है.
- कांग्रेस ने टिकाऊ टिकट फॉर्मूला तय कर बगावत रोकने के लिए योजना बनाई है.
- बीजेपी में भी निकाय चुनाव से ठीक पहले बगावत का सिलसिला शुरू हो गया है.
राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 31 अगस्त है. मतलब नामांकन के लिए सिर्फ एक दिन का समय बचा है. इस बीच नामांकन की लास्ट डेट से पहले राजस्थान में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है. एक तरफ कांग्रेस ने करीब 90 फीसदी विधानसभा क्षेत्रों में 'जिताऊ और टिकाऊ' फॉर्मूले पर टिकट तय कर लिए हैं और बगावत रोकने के लिए सीक्रेट प्लान तैयार किए हैं. पर इन सबके बीच कांग्रेस में टिकट को लेकर हो रही बैठक में गहलोत-पायलट गुट में सिरफुटव्वल की नौबत आ गई. दूसरी ओर टिकट को लेकर जयपुर में भाजपा के बड़े नेता मंथन पर मंथन कर रहे हों, पर उनके यहां भी निकाय चुनाव से ठीक पहले भगदड़ शुरू हो गई है.
कांग्रेस में भिड़े नेता
दरअसल, कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में गाहे बगाहे नेताओं के रूठने मनाने का दौर जारी है. कहीं नेता टिकट के लिए पार्टी से बगावत कर रहे हैं तो कहीं नेता आपस में भिड़ रहे हैं. शनिवार शाम कांग्रेस में नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए. जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया.
डोटासरा-जूली को कराना पड़ा बीचबचाव
प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया. दरअसल, बैठक शुरू होते ही रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच तनातनी हो गई थी. दोनों ने एक-दूसरे के साथ बैठक तक से इनकार कर दिया था. बहस बढ़ने पर रामलाल जाट ने धीरज गुर्जर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें गुंडा तक कह दिया.

धीरज गुर्जर-रामलाल जाट
Photo Credit: NDTV
इसके बाद धीरज गुर्जर ने भी पलटवार करते हुए रामलाल जाट के चरित्र पर सवाल उठाए. दोनों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही और दोनों तरफ से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं ने बताया कि दोनों के बीच बहस इतनी तेज आवाज में थी कि बाहर तक आवाज़ आने लगी. हालांकि, इसके बाद दोनों ही इस पूरे विवाद पर बात करने से बच रहे हैं.
पूर्व मंत्री रामलाल जाट को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समर्थक माना जाता है, जबकि धीरज गुर्जर सचिन पायलट के करीबी नेताओं में शामिल हैं. भीलवाड़ा कांग्रेस की स्थानीय राजनीति को लेकर दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से मतभेद की चर्चा रही है. चुनाव के दौरान भी दोनों के बीच खेमेबंदी की चर्चाएं सामने आती रही हैं.
बीजेपी में भी निकाय चुनाव से पहले बगावत
वहीं, बीजेपी में भी निकाय चुनाव के बीच बगावत का सिलसिला जारी है. अजमेर में पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत के इस्तीफे के बीच दौसा के लालसोट से बड़ी खबर सामने आई. भाजपा के पूर्व वाइस चेयरमैन पुरुषोत्तम जोशी और भाजपा नेता दिनेश जोशी ने पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया. निकाय चुनाव से ठीक पहले दोनों भाइयों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद शहर की चुनावी राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है. उधर पाली में बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए पांच बार के पार्षद राकेश भाटी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. निकाय चुनाव से पहले इन घटनाक्रमों ने राजस्थान की सियासत गरमा दी है.
टिकट के लिए बीजेपी की महामंथन
बता दें कि भाजपा ने पिछले तीन दिनों में अजमेर उदयपुर और बीकानेर के बाद कोटा और जोधपुर संभाग के सभी निकायों पर अपने प्रत्याशी तय कर लिए हैं. भरतपुर और जयपुर संभाग के प्रत्याशियों के नाम तय होने बाकी हैं. अलग-अलग निकायों के लिए संभाग वार चर्चा के दौर के बीच जयपुर नगर निगम के सिविल लाइन क्षेत्र के वार्डों को लेकर भी चर्चा पार्टी कार्यालय के बाहर ज्यादा दिखी.

Photo Credit: X-@madanrrathore
कथित तौर पर कुछ कार्यकर्ताओं का कहना था कि सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अपने स्तर पर 16 प्रत्याशी तय करके, उनके गले में माला पहना दी. इस बीच चर्चा यह भी आई कि पार्टी लाइन से इतर जाने वाले विधायक को कारण बताओ नोटिस दिया जा सकता है. लेकिन बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने ऐसे किसी घटनाक्रम से इनकार किया. भाजपा प्रदेश निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी ने कहा कि किसी प्रकार की कोई घोषणा नहीं की गई है.
हरीश द्विवेदी से पूछा गया कि क्या किसी विधायक को नोटिस जारी किया गया है तो हरीश द्विवेदी ने कहा कि नोटिस अनुशासनहीनता का होता है और अनुशासनहीनता 31 अगस्त के बाद में होगी. अभी तो पार्टी ने कोई घोषणा ही नहीं की है तो अनुशासनहीनता, किस बात की? किसी को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है. प्रभारी हरीश ने यह भी कहा कि किसी प्रकार का अब तक कोई विरोध सामने नहीं आया है और 31 तारीख को नामांकन प्रक्रिया में भाजपा के सभी 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार अपना नामांकन भरेंगे.
यह भी पढे़ं-
राजस्थान: निकाय चुनाव की जंग देवनानी के लिए बनी चुनौती, विधानसभा अध्यक्ष की दांव पर प्रतिष्ठा
राजस्थान निकाय चुनाव: बगावत रोकने के लिए कांग्रेस का सीक्रेट प्लान, गहलोत-पायलट सुलझाएंगे फंसा पेंच!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं