पंजाब बंद के आह्वान के बीच शुक्रवार को पटियाला में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. बंदी सिखों की रिहाई और जत्थेदार जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर सिख संगठनों और एसजीपीसी द्वारा किए गए बंद के आह्वान के मद्देनजर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. पटियाला के खंडा चौक सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. प्रशासन का कहना है कि बंद पूरी तरह स्वैच्छिक है और आम लोगों की आवाजाही तथा जरूरी सेवाओं में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी.
खंडा चौक समेत कई इलाकों में सुरक्षा कड़ी
पंजाब बंद को देखते हुए पटियाला पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं. खंडा चौक, प्रमुख बाजारों, बस अड्डों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. सुबह से ही पुलिस टीमें लगातार गश्त करती नजर आईं. कई स्थानों पर नाकाबंदी भी की गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. प्रशासन का मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर है.
#WATCH | Punjab | Police personnel are deployed across Amritsar city as Qaumi Insaaf Morcha has called for a 'bandh' from 7 am to 2 pm (shutdown) across Punjab today, over their demand for the release of Sikh prisoners. The bandh has been supported by various Sikh organisations.… pic.twitter.com/cYktA4rDPv
— ANI (@ANI) August 21, 2026
पुलिस और संगठनों के बीच लगातार संवाद
पटियाला सिटी के एसपी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बंद को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार संबंधित संगठनों के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि एसएसपी पटियाला समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं. एसपी के अनुसार, संगठनों ने लोगों से शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक तरीके से बंद का समर्थन करने की अपील की है. प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को जबरन बंद में शामिल नहीं किया जाएगा.
कारोबार और आवाजाही पर नहीं होगा दबाव
NDTV को पुलिस प्रशासन ने बताया कि कि यदि कोई व्यापारी अपनी दुकान खोलना चाहता है या कोई व्यक्ति अपने नियमित कार्य के लिए बाहर निकलना चाहता है तो उसे नहीं रोका जाएगा. एसपी मोहित अग्रवाल ने कहा कि कई परीक्षाएं भी आयोजित हो रही हैं और बड़ी संख्या में लोगों को जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करनी है. ऐसे में परिवहन व्यवस्था और आम जनजीवन को यथासंभव सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बंद के दौरान किसी पर दबाव बनाने या जबरदस्ती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
शांतिपूर्ण धरने और मार्च की तैयारी
सिख संगठनों की ओर से पटियाला में शांतिपूर्ण धरना और मार्च निकालने की योजना बनाई गई है. आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य लोगों तक अपनी मांग पहुंचाना और समर्थन जुटाना है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
Amritsar, Punjab: The Punjab bandh called over the release of Bandi Singhs was observed across the state, with markets in Amritsar remaining completely shut. Farmers' groups, labour organisations, social and religious bodies, and several political parties extended their support… pic.twitter.com/Sw9YUAnqiA
— IANS (@ians_india) August 21, 2026
बंदी सिखों की रिहाई बना मुख्य मुद्दा
बंद का मुख्य मुद्दा उन बंदी (सिंहों) सिखों की रिहाई है, जिनके समर्थकों का कहना है कि वे अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन अब भी जेलों में बंद हैं. सिख संगठनों का आरोप है कि इस मामले में सरकारें गंभीरता नहीं दिखा रही हैं. इसी मुद्दे को लेकर लंबे समय से विभिन्न मंचों पर आवाज उठाई जाती रही है.
जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग
जत्थेदार जगतार सिंह हवारा के धर्मी पिता बापू गुरचरण सिंह ने कहा कि हवारा की माता पिछले कई महीनों से बीमार हैं, लेकिन उन्हें अब तक पैरोल नहीं मिल सकी है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अन्य मामलों में सजा काट रहे कैदियों को पारिवारिक परिस्थितियों में पैरोल दी जा सकती है तो हवारा को अपनी बीमार माता से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही. उनके अनुसार, पंजाब बंद का उद्देश्य इस मांग को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है.
Mansa, Punjab: A road blockade has been reported on the Barnala-Mansa road in Akalia village, Mansa district, as part of a Punjab Bandh called by the Qaumi Insaaf Morcha. Protesters demanded the release of Sikh prisoners, including Jagtar Singh Hawara, during a statewide bandh pic.twitter.com/DZ8tC7bYnT
— IANS (@ians_india) August 21, 2026
कई संगठनों का मिला समर्थन
आयोजकों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में कई सिख, किसान और सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है. एसजीपीसी ने भी अपने कई संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है. संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और लोगों से स्वेच्छा से समर्थन देने की अपील की जा रही है. उनका दावा है कि बड़ी संख्या में लोग इस मुद्दे के प्रति संवेदनशील हैं और समर्थन जता रहे हैं.
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