विज्ञापन

Punjab Cabinet Decision: पंजाब में 65000 से ज्यादा कर्मचारियों की होगी नौकरी पक्की, 7 स्पेशल कोर्ट को मंजूरी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पांच साल की निरंतर आउटसोर्स्ड सेवा के बाद सीधे राज्य सरकार के अधीन रोजगार प्रदान किया जाएगा. इसके बाद सरकारी ठेके पर 10 साल सेवा पूरी करने के बाद कर्मचारियों को रेगुलर मंजूरशुदा असामियों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा.

Punjab Cabinet Decision: पंजाब में 65000 से ज्यादा कर्मचारियों की होगी नौकरी पक्की, 7 स्पेशल कोर्ट को मंजूरी

पंजाब सरकार ने पुरानी ठेकेदारी रोजगार प्रणाली को खत्म करने का फैसला लिया है. इस फैसले से विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे 65,000 से अधिक आउटसोर्स्ड और कच्चे कर्मचारियों को पक्का (रेगुलर) करने का रास्ता साफ हो गया है. कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब सरकारी रोजगार व्यवस्था से निजी ठेकेदारों और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी और सरकार व कर्मचारियों के बीच सीधा संबंध स्थापित होगा. सीएम का कहना था कि मत्रिमंडल की मंजूरी के 45 दिनों के अंदर लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में फैसला लेते हुए सीएम ने कहा कि पंजाब के 65,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वर्करों ने सूबे की सेवा में अपनी जिंदगी के कई-कई साल दिए हैं. इस फैसले के साथ पंजाब सरकार ने उन्हें वह दे दिया है, जो उनका हक है. अब कोई भी ठेकेदार इन कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच खड़ा नहीं होगा. इन कर्मचारियों को अब सीधा रोजगार, पूरा सम्मान और पक्की नौकरी का स्पष्ट रास्ता मिलेगा.

सीएम ने आगे घोषणा की कि जोखिम भरे काम करने वाले जैसे- अग्निशमक, सीवर कर्मचारी, लाइनमैन, सेनिटेशन कर्मचारी, कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को अब 5 साल की बजाय 3 साल की निरंतर सेवा के बाद ही स्थायी कर दिया जाएगा.

इन कर्मचारियों को होगा फायदा

  • फायर सर्विसेज और आउटसोर्स्ड फायर कर्मचारी- 1,472
  • पी.एस.पी.सी.एल. लाइनमैन और बिजली क्षेत्र के कर्मचारी- 15,753
  • सीवर वर्कर और शहरी स्थानीय निकायों के सेनीटेशन/सफाई कर्मचारी- 8,436
  • स्कूल शिक्षा- 7,704
  • परिवहन विभाग- 4,746
  • आउटसोर्स्ड फायर कर्मचारी-1,472 

इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के 2,688 कर्मचारी, जल आपूर्ति और सेनिटेशन के 1,575 कर्मचारी, कृषि के 1,533 कर्मचारी, जेलों के 1,311 कर्मचारी, तकनीकी शिक्षा के 1,251 कर्मचारी, पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर) के 1,570 कर्मचारी, सामान्य प्रशासन विभाग के 1,322 कर्मचारी और मेडिकल शिक्षा के 1,231 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.

कर्मचारियों को कानूनी प्रसूति लाभ और बाकायदा 10 दिनों की कैजुअल छुट्टी भी दी जाएगी, डिनकी सैलरी भी सीधे खाते में आएगी. साथ ही बायोमेट्रिक हाजिरी की सुविधा भी होगी.

डीए और पेंशन के बकाए की जांच के लिए पैनल का पुनर्गठन

कमेटी 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 के दौरान संशोधित वेतन और पेंशन लाभों के कारण हुए बकाए के भुगतान पर विचार करेगी. इसके अलावा 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2024 तक के बकाया डीए और महंगाई राहत के बकाए का अध्ययन करेगी. कमेटी कर्मचारियों और विभिन्न महंगाई भत्तों के साथ महंगाई राहत से संबंधित मुद्दों का अध्ययन करेगी.

भ्रष्टाचार के मामलों में तुरंत सुनवाई के लिए 7 विशेष अदालतों को मंजूरी

एसएएसनगर में तीन अदालतें स्थापित की जाएंगी, जबकि जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में एक-एक अदालत स्थापित की जाएगी. मंत्रिमंडल ने इन अदालतों के कामकाज के लिए अतिरिक्त जिला एवं सेशन जजों की 7 रिक्तियों के साथ सहायक स्टाफ की 63 रिक्तियों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com