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अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, इस बार पहले से अधिक की गई व्यवस्था; जानें खास बातें

Amarnath Yatra 2026: दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा आज से शुरू हो गई है. गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, इस बार पहले से अधिक की गई व्यवस्था; जानें खास बातें
अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था आज सुबह रवाना हो चुका है.
NDTV
  • अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज सुबह रवाना हुआ.
  • उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर भक्तों को रवाना किया.
  • बम-बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्त रवाना हो चुके हैं.
श्रीनगर:

Amarnath Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू से श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके साथ ही वार्षिक तीर्थयात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया. इस अवसर पर भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक है. उन्होंने यात्रा के सुचारु संचालन की कामना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं में उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न होगी. वहीं, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर श्राइन बोर्ड द्वारा की गई व्यवस्थाएं यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेंगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हो सकती है और यात्रा नए रिकॉर्ड बना सकती है.

सुनील शर्मा ने कहा, “मैं पहले जत्थे के रवाना होने पर सभी को बधाई देता हूं और यात्रा की सफलता के लिए प्रार्थना करता हूं. श्राइन बोर्ड की ओर से की गई व्यवस्थाएं यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाएंगी. इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों से काफी अधिक हो सकती है और यात्रा नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकती है.”

दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा देश की सबसे प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है. श्रद्धालु यहां प्राकृतिक रूप से निर्मित बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है.

कश्मीर घाटी के बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘बम-बम भोले' के जयकारे लगाते नजर आए. यात्रा शुरू होने से कुछ घंटे पहले सीआरपीएफ की 137वीं बटालियन और के-9 (डॉग स्क्वाड) इकाई ने उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से सैनिटाइज किया.

इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा 3 जुलाई से अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग तथा गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक कठिन बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी. यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पर्व के साथ होगा.

अमरनाथ यात्रा 2026 की खास बातें

  • इस साल अमरनाथ यात्रा में भक्तों को पहले से ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बालटाल से गुफा तक बिजली और लाइट की व्यवस्था की गई है, जिससे रात और खराब मौसम में भी यात्रियों को राहत मिलेगी. 
  • ट्रैकिंग रास्तों को पहले से बेहतर बनाया गया है ताकि चढ़ाई के दौरान लोगों को कम परेशानी हो. इसके अलावा पोनी, पालकी और पोर्टर की प्री-पेड बुकिंग व्यवस्था शुरू की गई है. इससे यात्रियों को तय किराए पर सेवा मिलेगी और ज्यादा पैसे वसूलने जैसी समस्या नहीं होगी.
  • श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भी इस बार इंतजाम बढ़ाए गए हैं. बालटाल, नुनवान, श्रीनगर और चंदरकोट के यात्री निवासों का विस्तार किया गया है. 
  • जम्मू का भगवती नगर यात्री निवास 30 जून से खुल चुका है. यहां करीब 2,500 श्रद्धालु एक साथ रुक सकेंगे. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी.
  • इसके अलावा जम्मू के तवी रिवरफ्रंट पर एक नया इंटीग्रेटेड फैसिलिटेशन सेंटर बनाया गया है. यहां एक ही जगह पर रजिस्ट्रेशन, मेडिकल चेकअप, हेल्थ सर्टिफिकेट, दस्तावेजों की जांच और दूसरी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी. इससे यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा.

हर भक्त के लोकेशन पर रखी जा रही नजर 

इस बार हर पंजीकृत श्रद्धालु को RFID कार्ड दिया जाएगा. इससे प्रशासन यात्रा के दौरान हर यात्री की लोकेशन पर नजर रख सकेगा. अगर किसी यात्री को रास्ते में कोई परेशानी होती है तो उसे जल्दी मदद पहुंचाई जा सकेगी.

पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा भी पहले से ज्यादा मजबूत रहेगी. जम्मू से लेकर अमरनाथ गुफा तक हाईवे, रेलवे स्टेशन, बेस कैंप और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी. 

सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बल मिलकर पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी करेंगे. यात्रा शुरू होने से पहले हर दिन रास्ते की जांच भी की जाएगी ताकि कोई खतरा न रहे.

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन का क्या है प्रोसेस

  • अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन के लिए अमरनाथ यात्रा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा- https://jksasb.nic.in/onlineservices/agreeme.html
  • अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है. 
  • रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और देशभर के 550 से ज्यादा बैंक शाखाओं में कराया जा सकता है. 
  • यात्रा के लिए उम्र 13 से 70 साल के बीच होनी चाहिए. 
  • इसके साथ अधिकृत डॉक्टर से बना कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) देना जरूरी होगा.
  • यात्री 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग या 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग में से किसी एक रास्ते का चुनाव कर सकते हैं.
  • हर पंजीकृत श्रद्धालु को 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी मिलेगा.

मंगलवार को सुरक्षाबलों ने किया मॉकड्रिल

इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित की और यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात की. श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मंगलवार को पठानकोट बेस कैंप स्थित नव-निर्मित यात्री निवास ‘श्री प्रेम गर्ग भवन' में आतंकवाद-रोधी अभ्यास किया.

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