
प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली:
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने शनिवार रात को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को रविवार को फरीदकोट में रैली करने की मंजूरी कायम रखी. सुबह में न्यायमूर्ति आर के जैन की एकल पीठ ने अकाली दल को फरीदकोट में ‘पोल खोल’ रैली करने की अनुमति दी थी. लेकिन दिन में बाद में पंजाब सरकार की ओर से महाधिवक्ता अतुल नंदा ने एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी और दावा किया कि राज्य सरकार का पक्ष नहीं सुना गया. लेकिन अदालत की खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस आदेश को चुनौती देने के लिए न्यायमूर्ति आर के जैन की पीठ में जाने को कहा.
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न्यायमूर्ति जैन ने शिअद को रैली करने की अपनी अनुमति को कुछ मामूली संशोधनों के साथ जारी रखा. एकल पीठ की अदलात में रात आठ बजे सुनवाई शुरु हुई और करीब नौ बजे आदेश दिया. इससे पहले दिन में न्यायमूर्ति जैन ने शिरोमणि अकाली दल को फरीदकोट में कल रैली करने की इजाजत दी थी. इसके अलावा न्यायमूर्ति जैन ने राज्य सरकार को रैली के आलोक में किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया.
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यह निर्देश तब दिया गया जब विपक्षी दल ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का रुख करते हुए रैली करने के लिए अनुमति के वास्ते संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया. याचिकाकर्ता अकाली दल के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अदालत ने फरीदकोट के एसडीएम के आदेश पर भी रोक लगाई है जिन्होंने रैली करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
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अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए एक नोटिस जारी किया. जवाब 17 सितंबर तक मांगा गया है. याचिकाकर्ता ने कहा कि यह भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है व उन्हें शांतिपूर्ण रैली के लिए लोगों को एकत्रित करने की अनुमति दी जाए.(इनपुट भाषा से)
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न्यायमूर्ति जैन ने शिअद को रैली करने की अपनी अनुमति को कुछ मामूली संशोधनों के साथ जारी रखा. एकल पीठ की अदलात में रात आठ बजे सुनवाई शुरु हुई और करीब नौ बजे आदेश दिया. इससे पहले दिन में न्यायमूर्ति जैन ने शिरोमणि अकाली दल को फरीदकोट में कल रैली करने की इजाजत दी थी. इसके अलावा न्यायमूर्ति जैन ने राज्य सरकार को रैली के आलोक में किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया.
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यह निर्देश तब दिया गया जब विपक्षी दल ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का रुख करते हुए रैली करने के लिए अनुमति के वास्ते संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया. याचिकाकर्ता अकाली दल के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अदालत ने फरीदकोट के एसडीएम के आदेश पर भी रोक लगाई है जिन्होंने रैली करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
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अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए एक नोटिस जारी किया. जवाब 17 सितंबर तक मांगा गया है. याचिकाकर्ता ने कहा कि यह भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है व उन्हें शांतिपूर्ण रैली के लिए लोगों को एकत्रित करने की अनुमति दी जाए.(इनपुट भाषा से)
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