पंजाब की भगवंत मान सरकार ने कहा कि नशे के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई का बड़ा असर हुआ है. मान सरकार ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने और 736 करोड़ रुपये के कथित संदिग्ध लेनदेन के दावों के बाद राज्य की राजनीति में घमासान मचा हुआ है. आम आदमी पार्टी इसे नशे के खिलाफ अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बता रही है.
पंजाब की धरती अपनी बहादुरी, मेहनत, किसानी और देशसेवा के लिए पहचानी जाती है. लेकिन 2007 से 2022 तक नशे की समस्या ने पंजाब के हजारों परिवारों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी की हैं। नशे की गिरफ्त में फंसे नौजवानों का भविष्य और उनके परिवारों की पीड़ा राज्य की राजनीति का भी बड़ा सवाल रही है. अब इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने पूर्ववर्ती अकाली शासन की जवाबदेही का सवाल फिर उठाया है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ उसकी लड़ाई में किसी व्यक्ति का राजनीतिक कद या प्रभाव कार्रवाई में बाधा नहीं बन सकता. आम आदमी पार्टी मजीठिया के खिलाफ कानूनी कार्यवाही को इसी रुख से जोड़कर देख रही है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि पंजाब के नौजवानों को नशे से बचाना और तस्करी के नेटवर्क को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. भगवंत मान सरकार ने दावा किया है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई को राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से काफी आगे रखा है.
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