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कामनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने क्या खोया और क्या पाया? देखें 39 मेडल की पूरी लिस्ट

Commonwealth Games 2026: गुलवीर सिंह इस प्रतियोगिता के सबसे चर्चित भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे. उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर जैसी कठिन स्पर्धाओं में दो पदक जीतकर भारतीय लंबी दूरी की दौड़ को नई पहचान दिलाई.

कामनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने क्या खोया और क्या पाया? देखें 39 मेडल की पूरी लिस्ट
Commonwealth Games 2026:

ग्लासगो में संपन्न हुए राष्ट्रमंडल खेल 2026 भारत के लिए केवल पदकों का मुकाबला नहीं था, बल्कि यह भारतीय खेलों की बदलती तस्वीर को समझने का भी मौका था. पहली नजर में 39 पदकों का आंकड़ा पिछले कुछ संस्करणों की तुलना में छोटा दिखाई देता है, लेकिन जब पूरे अभियान को समझा जाए तो कहानी कुछ और ही नजर आती है. भारत ने इस बार 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया. इस बार पदकों की संख्या भले कम रही हो, लेकिन इसकी सबसे बड़ी वजह खिलाड़ियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रतियोगिता के कार्यक्रम में हुए बदलाव रहे. जिन खेलों में भारत हमेशा बड़ी संख्या में पदक जीतता था, वो इस बार शामिल ही नहीं थे. दूसरी ओर जिन खेलों का हिस्सा बने रहने का मौका मिला, उनमें भारतीय खिलाड़ियों ने कई नए कीर्तिमान स्थापित किए.

भारत ने क्या खोया और क्या पाया?

अगर इस अभियान की सबसे बड़ी कमी की बात करें तो वह खेलों का सीमित कार्यक्रम रहा. इस बार कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, टेबल टेनिस, शूटिंग और क्रिकेट जैसी स्पर्धाएं प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थीं. इन खेलों में भारत वर्षों से मजबूत दावेदार रहा है और हर बार बड़ी संख्या में पदक जीतता आया है. इन स्पर्धाओं के बाहर होने का असर सीधे भारत की कुल पदक संख्या पर पड़ा. यही कारण है कि प्रदर्शन संतोषजनक होने के बावजूद पदकों का आंकड़ा उम्मीद से छोटा दिखाई देता है.

जहां कुछ पारंपरिक खेलों की कमी महसूस हुई, वहीं कई मौकों पर भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य की झलक भी दिखाई. सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी से मिली, जिसने पूरे अभियान की दिशा ही बदल दी. भारतीय मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण सहित कुल दस पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया. महिला और पुरुष दोनों वर्गों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और यह साबित किया कि भारत अब बॉक्सिंग में दुनिया की मजबूत ताकतों में लगातार अपनी जगह बना रहा है.

एथलेटिक्स में मिला भरोसे का नया आधार

इस बार भारतीय एथलेटिक्स दल का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय रहा. ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने लगातार चुनौती पेश की और कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए. यह प्रदर्शन बताता है कि भारत अब केवल चुनिंदा स्पर्धाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि एथलेटिक्स में भी उसकी पकड़ लगातार मजबूत हो रही है.

गुलवीर सिंह ने रचा नया इतिहास

गुलवीर सिंह इस प्रतियोगिता के सबसे चर्चित भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे. उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर जैसी कठिन स्पर्धाओं में दो पदक जीतकर भारतीय लंबी दूरी की दौड़ को नई पहचान दिलाई. लंबे समय तक इन स्पर्धाओं में भारत केवल भागीदारी तक सीमित माना जाता था, लेकिन गुलवीर के प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि भारतीय धावक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौती देने के लिए तैयार हैं.

अनुभवी खिलाड़ियों ने भी निभाई जिम्मेदारी

वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने एक बार फिर अपने अनुभव का परिचय दिया और स्वर्ण पदक जीतकर साबित किया कि बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन आज भी उतना ही भरोसेमंद है. वहीं जूडो और अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण पदक जीतकर दल के अभियान को मजबूती दी.

2030 की ओर बढ़ता भारत

ग्लासगो से लौटते समय भारतीय दल के पास सिर्फ 39 पदक नहीं हैं, बल्कि कई सकारात्मक संकेत भी हैं. मुक्केबाजी का बढ़ता दबदबा, एथलेटिक्स में लगातार सुधार, लंबी दूरी की दौड़ में ऐतिहासिक उपलब्धि और नए खिलाड़ियों का आत्मविश्वास यह बताता है कि भारतीय खेलों का दायरा पहले से कहीं ज्यादा हो चुका है.

अगर 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पारंपरिक पदक जीतने वाले खेल फिर से शामिल होते हैं और मौजूदा उभरते खिलाड़ी इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो भारत अपने इतिहास का सबसे सफल राष्ट्रमंडल अभियान भी देख सकता है. ग्लासगो ने भले पदकों की संख्या कम दी हो, लेकिन भारतीय खेलों को आगे बढ़ने की नई दिशा जरूर दे दी है.

क्रमांकखिलाड़ीस्पर्धापदक
1झंडू कुमारमेंस हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंगकांस्य
2ऋषिकांत सिंहमेंस 60kg वेटलिफ्टिंगरजत
3मीराबाई चानूमहिला 48kg वेटलिफ्टिंगस्वर्ण
4राजा मुथुपंडीमेंस 65kg वेटलिफ्टिंगरजत
5ज्ञानेश्वरी यादवमहिला 53kg वेटलिफ्टिंगरजत
6बिंद्यारानी देवीमहिला 58kg वेटलिफ्टिंगकांस्य
7शर्मिला धनखड़महिला शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)स्वर्ण
8सर्वेश कुशारेमेंस हाई जंपरजत
9शिल्पा के. शायलामहिला शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)कांस्य
10वल्लूरी अजय बाबूमेंस 79kg वेटलिफ्टिंगरजत
11हरजिंदर कौरमहिला 69kg वेटलिफ्टिंगरजत
12गुलवीर सिंहमेंस 10,000 मीटररजत
13मुरली श्रीशंकरमेंस लॉन्ग जंपरजत
14दिलीप गावितपुरुष 100m T47 (पैरा एथलेटिक्स)स्वर्ण
15मोहम्मद बेसिलपुरुष 100m T47 (पैरा एथलेटिक्स)रजत
16लवप्रीत सिंहपुरुष 110kg वेटलिफ्टिंगरजत
17सीमा कालीरमनामहिला डिस्कस थ्रोकांस्य
18अस्मिता डेमहिला 48kg जूडोस्वर्ण
19हर्ष सिंहपुरुष 60kg जूडोस्वर्ण
20यामिनी मौर्यमहिला 57kg जूडोरजत
21तेजस्विन शंकरपुरुष डेकाथलॉनकांस्य
22यशवीर सिंहपुरुष जेवलिन थ्रोकांस्य
23नीरज चोपड़ापुरुष जेवलिन थ्रोरजत
24प्रीति पवारमहिला 54kg बॉक्सिंगस्वर्ण
25प्रवीण चित्रवेलपुरुष ट्रिपल जंपरजत
26सेल्वा प्रभुपुरुष ट्रिपल जंपकांस्य
27जैस्मिन लैम्बोरियामहिला 57kg बॉक्सिंगस्वर्ण
28जदुमणि सिंहपुरुष 55kg बॉक्सिंगरजत
29शुभम जुयालपुरुष शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)रजत
30सोमन राणापुरुष शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)स्वर्ण
31उन्नति शर्मामहिला -63kg जूडोकांस्य
32साक्षी चौधरीमहिला 51kg बॉक्सिंगस्वर्ण
33प्रिया घंघासमहिला 60kg बॉक्सिंगस्वर्ण
34अरुंधति चौधरीमहिला 70kg बॉक्सिंगस्वर्ण
35लवलीना बोरगोहेनमहिला 75kg बॉक्सिंगरजत
36सचिन सिवाचपुरुष 60kg बॉक्सिंगस्वर्ण
37अंकुश पंघालपुरुष 80kg बॉक्सिंगस्वर्ण
38नरेंद्र बेरवालपुरुष 90kg बॉक्सिंगरजत
39गुलवीर सिंहपुरुष 5,000 मीटरकांस्य
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