कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सरों ने तहलका मचा दिया है. खबर लिखे जाने तक कुल छह बॉक्सरों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. जिसमें प्रीति पवार, जैस्मिन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी और सचिन सिवाच का नाम शामिल है. देश को छठवां गोल्ड सचिन सिवाच ने दिलाया है. 60 किलोग्राम भार वर्ग में सचिन के सामने नामीबियाई बॉक्सर ट्रायगेन मॉर्निंग थे. दोनों के बीच फैंस को जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिले. जहां पहले राउंड में नामीबियाई बॉक्सर ट्रायगेन बाजी मारने में कामयाब रहे. उन्होंने 3-2 से बाजी मारी. दूसरे राउंड में सचिन ने वापसी की और 3-2 से जीत हासिल की. जिसके बाद आखिरी मुकाबला काफी रोमांचक हो गया था. यहां भी सचिन बाजी मारने में कामयाब रहे और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड हासिल करने वाले छठवें भारतीय बॉक्सर बन गए.
साधारण परिवार में हुआ था सचिन का जन्म
सचिन सिवाच का जन्म एक बेहद ही साधारण परिवार में हुआ था. मगर अपनी आर्थिक मजबूरियों को उन्होंने खेल के बीच कभी आने नहीं दिया. जब वह महज 10 साल के थे. उसी दौरान उन्होंने प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी थी. करियर के शुरुआती दौर में उनके पास प्रैक्टिस के लिए अच्छे ग्लव्स भी नहीं हुआ करते थे. मगर उन्होंने हार नहीं मानी. वह फटी पुरानी ग्लव्स के साथ ही धान के खेतों में बनी देसी रिंग में घंटों प्रैक्टिस किया करते थे.
सचिन को अपने पिता का मिला साथ
सचिन सिवाच को सचिन सिवाच बनाने में उनके पिता का महत्वपूर्ण योगदान है. जब घर की स्थिति ठीक नहीं थी. तब भी उन्होंने सचिन के प्रोटीन और स्पेशल डाइट में कोई कोताही नहीं बरती थी. उन्होंने खेतों में कठिन परिश्रम किया, कर्ज लिए मगर उनके खान-पान का पूरी तरह से ध्यान रखा. शुरुआती दौर में वह स्वयं सचिन को साइकिल पर बिठाकर ट्रेनिंग सेंटर तक ले जाया करते थे.
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