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IPL की चकाचौंध से ध्यान हटे तो ये वीडियो भी देख लीजिए- NDTV पर 40 लाख लोगों ने देखा, लोगों के आंसू निकल आए

क्रिकेट की चकाचौंध से दूर, हमारे देश में बाकी खेलों में खिलाड़ियों की क्या स्थिति है, वो इस वीडियो से बयां हो रहा है. बीते 24 घंटे में इसे 4 मिलियन से अधिक लोग देख चुके हैं. यह एकबार की बात भर नहीं है.

IPL की चकाचौंध से ध्यान हटे तो ये वीडियो भी देख लीजिए- NDTV पर 40 लाख लोगों ने देखा, लोगों के आंसू निकल आए
Pole Vaulters carry equipment on E Rickshaw

इन दिनों आईपीएल की धूम है, लेकिन उसके इतर, क्रिकेट की चकाचौंध से दूर, एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने लोगों के आंसू निकाल दिए. रांची में आयोजित फेडरेशन कप 2026 के दौरान दो पोल वार्ल्टर- देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार, ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5.45 मीटर की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से नया राष्ट्रीय पोल वॉल्ट रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का टिकट भी हासिल किया. लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही इन खिलाड़ियों की पुरानी परेशानी सामने आई, पोल के साथ ट्रेवल करने की. दोनों एथलीट ई-रिक्शा में अपने पोल ले जाते दिखे. एनडीटीवी के इंस्टाग्राम पर उनके इस वीडियो को 24 घंटे से भी कम समय में 40 लाख से अधिक व्यूज मिले हैं.

हजारों लोगों ने इस पर कमेंट किया है. भारत में अन्य खेलों को लेकर चिंतित कई फैंस के आंखों में आंसू भी दिखे और उन्होंने रोने वाली इमोजी पोस्ट की. हालांकि, यह कोई पहला उदाहरण नहीं है, जब भारत में क्रिकेटर्स के अलावा, अन्य खेलों में शामिल खिलाड़ियों को इस तरह से नजरअंदाज होने पड़ा हो, सिस्टम की उदासीनता का सामना करना पड़ा हो. 

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इस वीडियो पर कमेंट करते हुए द नेम इस नंद नामक यूजर ने लिखा,"भारत की हर गलियों में आपको एक प्रतिभावान खिलाड़ी मिलेगा सिर्फ़ और सिर्फ़ सही व्यवस्था नहीं मिलने के कारण उनके सारे सपने उन गलियों के बीच दब जाते हैं और ये आम बात नहीं बल्कि एक स्पष्ट लापरवाही को उजागर करती हैं."

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एक अन्य यूजर ने लिखा,"क्रिकेट के चक्कर में बाकी लोगों को भुला दिया जा रहा , जबकि अन्यू यूजर ने लिखा,"इस देश में सिर्फ क्रिकेट को प्राथमिकता मिलती है."

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चैंपियन तीरंदाज को पेट पालने के लिए बेचनी पड़ी चाय

2006 में जेआरडी टाटा कॉम्प्लेक्स जमशेदपुर में इंटर स्कूल टूर्नामेंट में गोल्ड. अगले एक साल के अंदर छह झारखंड स्टेड आर्चर चैंपियनशिप में 2 गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रांज. 2009 में सीनियर नेशनल गेम्स में गोल्ड. 2010 में कोलकाता में सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में मेडल. वर्ल्ड चैंपियन दीपिका कुमारी की बहन. लेकिन 2023 तक स्थिति ऐसी हुई कि चाय बेचने को मजबूर होना पड़ा. 

2013 में होने वाले आर्चरी वर्ल्ड कप के लिए कोलकाता में ट्रायल हुए थे. लेकिन इस ट्रायल में उनका धनुष ही टूट गया. इस धनुष को खरीदने के लिए उन्हें उनकी मां ने 7 लाख का कर्ज लिया था. आर्थित तंगी बढ़ी और पिता बीमार हुए तो दीप्ति को चाय बेचनी पड़ी.

अपनी चाय की दुकान पर दीप्ति (वीडियो स्क्रीनग्रैब)

अपनी चाय की दुकान पर दीप्ति (वीडियो स्क्रीनग्रैब)

यह चाय की टपरी उनके पिता चलाते थे, लेकिन जब बीमार हुए तो 100 से अधिक मेडल जीतने वाली खिलाड़ी को यह काम करना पड़ा.  द प्रिंट के साथ बात करते हुए दीप्ति एक वीडियो में कहती हैं,"घर की आर्थिक समस्यओं के चलते चाय बेचनी पड़ रही है, मैं चाय नहीं बेचना चाहती. खेलना चाहता हूं."

2023 में इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में आवाज उठाई थी.

ट्रेन में टॉयलेट के पास बैठीं महिला एथलीट

पिछले साल की ही बात है. उत्तर प्रदेश में 69वीं नेशनल स्कूल रेसलिंग चैंपियनशिप का आयोजन हुआ था. इसमें ओड़िशा के भी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. 10 लड़के और 8 लड़कियां थीं. लेकिन टिकट कंफर्म हुआ था सिर्फ चार खिलाड़ियों का. नतीजा ठण्ड में उन्हें टायलेट के पास यात्रा करनी पड़ी थी. एथलीट अपने सामान के साथ टॉयलेट के बाहर बैठे दिखे थे. जबकि कुछ खिलाड़ी अपने सामान पर बैठे दिखे थे. सिर से पैर तक ढके हुए. ताकि वे खुद को कड़ाके की ठंड से बचा सकें.

बंदर, पक्ष की बीट, ठण्ड से हुई विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को परेशानी

अगर आपको लगता है कि अन्य खेलों के नामी खिलाड़ियों के साथ या फिर अन्य मुल्कों के चैंपियन के साथ अच्छा बर्ताव होता है तो थोड़ा पीछे चलिए. इस साल जवनरी में दिल्ली में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था. इसमें बंदर से लेकर पक्षी की बीट तक के कारण खेल रूका था. बात सिर्फ यहीं नहीं रूकी थी. दिल्ली में जनवरी में ठण्ड होती है और चैंपियन खिलाड़ियों को उसी ठण्ड में प्रैक्टिस करनी पड़ी थी, जब मामला मीडिया में आया तब अधिकारी हरतक में आए थे.

इस टूर्नामेंट में एचएस प्रणय, पीवी सिंदू जैसे चैंपियन खेले थे, जिन्होंने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है.इस टूर्नामेंट में डेनमार्क की वर्ल्ड नंबर 20 मिया ब्लिचफ़ेल्डट ने प्रेस में अपनी शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने स्टेडियम और वॉर्म अप एरिया में ठंड, प्रदूषण और कबूतरों को लेकर शिकायत दर्ज की थी. वर्ल्ड नंबर 20 डेनमार्क की मिया ने कहा था, “यहां हालात वाकई ख़राब हैं. पिछले साल भी ये गंदा था. इस साल भी अलग नहीं है. उम्मीद करती हूं कि BWF इसपर गंभीरता से ग़ौर करेगा.”

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