कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मेंस जैवलिन थ्रो फाइनल से पहले एक ऐसा संयोग सामने आया है, जिसने भारतीय फैंस की धड़कनें बढ़ा दी हैं. क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज चोपड़ा, पाकिस्तान के अरशद नदीम से आगे रहे, लेकिन यही कहानी पेरिस ओलंपिक 2024 में भी देखने को मिली थी तब क्वालिफिकेशन में नीरज ने बाजी मारी थी, मगर फाइनल में अरशद ने 92.97 मीटर का ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो फेंककर गोल्ड जीत लिया था. अब सवाल यही है कि क्या ग्लासगो में भी इतिहास खुद को दोहराने वाला है या इस बार नीरज हिसाब बराबर करेंगे?
पेरिस के क्वालिफिकेशन में क्या हुआ था?
दरअसल, पेरिस ओलंपिक 2024 के क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज चोपड़ा ने अपने पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर का थ्रो कर फाइनल का टिकट कटा लिया था. दूसरी ओर पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 86.59 मीटर के साथ क्वालीफाई किया था. उस समय भी ऐसा लग रहा था कि नीरज गोल्ड के सबसे बड़े दावेदार हैं, लेकिन फाइनल में तस्वीर पूरी तरह बदल गई. अरशद ने 92.97 मीटर का ऐतिहासिक थ्रो फेंककर नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.
कॉमनवेल्थ के क्वालिफिकेशन में दिखा वैसा ही संयोग
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के क्वालिफिकेशन में भी नीरज, अरशद से आगे रहे. नीरज ने 79.61 मीटर के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई है, जबकि पाकिस्तान के अरशद 78.63 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहे. हालांकि इस बार दोनों खिलाड़ियों को तेज हवा और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कोई भी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब नहीं पहुंच सका.
सिर्फ अरशद ही नहीं, रुमेश भी बने बड़ी चुनौती
इस बार मुकाबला सिर्फ भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं है. श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे भी खिताब की दौड़ में मजबूती से शामिल हैं. वहीं भारत के रोहित यादव और यश वीर सिंह ने भी फाइनल में जगह बना ली है. ऐसे में फाइनल में भारत के तीन खिलाड़ी पदक की दौड़ में होंगे, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या अरशद नदीम एक बार फिर क्वालिफिकेशन में शांत रहकर फाइनल में अपना असली खेल दिखाएंगे, या इस बार नीरज चोपड़ा उन्हें ऐसा मौका नहीं देंगे?
नीरज चोपड़ा ने माना- फाइनल आसान नहीं होगा
क्वालिफिकेशन के बाद बात करते हुए नीरज ने कहा, 'जैवलिन थ्रो का फील्ड काफी अच्छा है. यह सच में एक अच्छा फाइनल होगा. उम्मीद है कि कल हालात ठीक रहेंगे. सभी अच्छी फॉर्म में दिख रहे हैं. देखते हैं कल क्या होता है.' नीरज ने रुमेश की भी तारीफ़ की, जो जून में रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का जबरदस्त थ्रो करके सुर्खियां बटोरने के बाद इस इवेंट में आए थे. रोम में पथिरागे का प्रदर्शन पेरिस 2024 ओलंपिक में अरशद नदीम के 92.97 मीटर के थ्रो के बाद किसी एशियाई खिलाड़ी का दूसरा सबसे अच्छा जैवलिन प्रदर्शन है.
रुमेश के बारे में क्या बोले नीरज चोपड़ा?
रुमेश के बारे में बात करते हुए नीरज ने कहा, "वह बहुत अच्छा थ्रो करते हैं. वह मेरे अच्छे दोस्त हैं. इस साल उन्होंने बहुत अच्छा थ्रो किया है. यह अच्छी बात है कि हमारे पड़ोसियों के बीच बेहतरीन जैवलिन थ्रोअर्स उभर रहे हैं. यह जानकर बहुत अच्छा लगता है कि वह श्रीलंका के लिए कुछ बेहतरीन कर सकते हैं.'
भारत के यश वीर सिंह ने 73.89 मीटर के थ्रो के साथ अपने अभियान की शुरुआत की और राउंड के दौरान धीरे-धीरे सुधार किया. उनके आखिरी प्रयास में उनका बेस्ट थ्रो 78.36 मीटर का रहा, जिससे वे 10वें स्थान पर रहे और फाइनल में अपनी जगह पक्की की. रोहित यादव ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए आगे जगह बनाई. उन्होंने 77.04 मीटर से शुरुआत की और दूसरे राउंड में 78.37 मीटर का अपना बेस्ट थ्रो किया, जिससे वे कुल मिलाकर नौवें स्थान पर रहे. उन्होंने अपना आखिरी प्रयास न करने का फैसला किया, क्योंकि उनकी क्वालिफिकेशन पक्की लग रही थी.
रुमेश पथिराज ने क्वालिफिकेशन स्टैंडिंग में किया टॉप
श्रीलंका के रुमेश पथिराज ने 82.84 मीटर के शानदार थ्रो के साथ क्वालिफिकेशन स्टैंडिंग में टॉप किया, जबकि ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे. दक्षिण अफ्रीका के डौव स्मिट (80.64 मीटर) और इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) अन्य एथलीट थे जिन्होंने 80 मीटर का आंकड़ा पार किया. ओलंपिक 2024 में गोल्ड मेडल जीतने वाले पाकिस्तान के अरशद नदीम 78.63 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे और क्वालिफाई किया, जबकि मुश्किल हालात में कई बड़े खिलाड़ियों को संघर्ष करना पड़ा. शनिवार (IST) को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा.
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