पेरिस ओलंपिक में पदक के बेहद करीब पहुंचकर सिर्फ 100 ग्राम ज़्यादा वजन की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हुई विनेश फोगाट ने फिर एक नया धमाका किया है. ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट गोंडा में ताज़ा सुरक्षा चिंताओं के बीच प्रतिस्पर्धा में वापसी कर रही हैं. भारतीय पहलवान विनेश फोगाट लंबे समय बाद अखाड़े में वापसी करने जा रही हैं, लेकिन उनकी वापसी विवादों के साये में है. रविवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोंडा में होने वाले एक आगामी रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में एथलीटों की सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंता जताई. गोंडा को बृजभूषण शरण सिंह का गढ़ माना जाता है.
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— Vinesh Phogat (@Phogat_Vinesh) May 3, 2026
2018 एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता ने कहा,"मुझे कोई विशेष सुविधा या तरजीह नहीं चाहिए. मैं बस इतना चाहती हूं कि नतीजे अखाड़े पर एथलीटों की मेहनत को दर्शाएं. कौन सा रेफरी कौन सा मुकाबला कराएगा, अंक कैसे दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कौन बैठेगा—हर चीज को नियंत्रित किया जा सकता है." फोगाट का इशारा सिंह के करीबी लोगों के अनुचित प्रभाव की ओर है.
उन्होंने आगे दावा किया कि सरकार और खेल मंत्रालय दोनों ने हस्तक्षेप करने में नाकामी दिखाई है, जिससे ऐसी परिस्थितियां बनी हुई हैं. एक बड़े खुलासे में विनेश ने कहा,"मैं उन छह पीड़िताओं में से एक हूं जिन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था." उस मामले का जिक्र करते हुए जो फिलहाल न्यायिक जांच के अधीन है.
31 वर्षीय पहलवान ने उस माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के मानसिक तनाव को भी उजागर किया जिसे उन्होंने 'शत्रुतापूर्ण' बताया. "एक महिला एथलीट के लिए ऐसी स्थिति में प्रतिस्पर्धा करना बहुत मुश्किल है. हम पहले से ही उम्मीदों का दबाव झेलते हैं, अपनी टीमों से और देश से." उन्होंने कहा कि यह मानसिक बोझ उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की क्षमता को प्रभावित कर सकता है.
अपने आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबले के बाद से, फोगाट राजनीति में भी कदम रख चुकी हैं. अक्टूबर 2024 में उन्होंने हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता. अपनी नई भूमिका के बावजूद, उन्होंने जोर देकर कहा कि कुश्ती के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बदली नहीं है. फोगाट, जो पहले 50 किग्रा और 53 किग्रा वर्ग में खेल चुकी हैं, अब 57 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी. वह पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद से मैट से दूर हैं. 18 महीने बाद उनका पूरा ध्यान वापसी और इस साल के अंत में एशियाई स्वर्ण जीतने पर है.
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने NDTV से कहा, मैं विनेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेता हूं. यह भी देखना होगा कि वहां 1200 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जिनमें से 11 99 को कोई शिकायत नहीं है, सिर्फ इन्हें ही शिकायत है. तीसरी बात यह है कि वहां बृजभूषण शरण सिंह का कोई भी रेफरी मैच का निर्णय नहीं करेगा. सभी रेफरी भारतीय कुश्ती संघ के ही होंगे इसलिए उनकी शंका और शक निराधार हैं."
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