विज्ञापन

NDTV Exclusive: 'अब एशियाड सबसे बड़ा लक्ष्य', जर्मनी पर जीत के बाद छलका भारतीय टीम का दर्द

NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी जनरल भोलानाथ सिंह ने कहा कि, 'लड़कियों ने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया है. आप देखिए, पूरे टूर्नामेंट में भारत को सिर्फ एक मैच में हार का सामना करना पड़ा.

NDTV Exclusive: 'अब एशियाड सबसे बड़ा लक्ष्य', जर्मनी पर जीत के बाद छलका भारतीय टीम का दर्द
Hockey India Team
Hockey India

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एम्सटलवीन वर्ल्ड कप में जो कारनामा कर दिखाया उसे 52 साल पहले फ्रांस के मानडुल्यू में खेले गए वर्ल्ड कप के बाद बेस्ट माना जा रहा है. 1974 के फ़्रेंच वर्ल्ड कप में भारत चौथे नंबर पर रहा, जबकि हॉलैंड में खेले गए इस वर्ल्ड कप में वर्ल्ड नंबर-9 भारत ने वर्ल्ड नंबर-5 जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया है.  

एम्सटलवीन से NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी जनरल भोलानाथ सिंह कहते हैं, 'लड़कियों ने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया है. आप देखिए, पूरे टूर्नामेंट में भारत को सिर्फ एक मैच में हार का सामना करना पड़ा वो भी मेजबान और वर्ल्ड नंबर-1 हॉलैंड से. इस टीम से मैं तो एशियाड में गोल्ड जीतकर लॉस एंजेल्स के लिए क्वालिफ़ाई करने की उम्मीद कर रहा हूं.'

और रोने लगीं स्ट्राइकर नवनीत

एम्सटलवीन में जर्मनी के ख़िलाफ़ जीत के बाद स्ट्राइकर नवनीत रोने लगीं. टीम की खिलाड़ियों ने उन्हें समझाया तो उन्होंने अफ़सोस ज़ाहिर किया कि ऐसा प्रदर्शन अगर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आता तो यही टीम सेमीफ़ाइनल खेल रही होती.

पूर्व कप्तान और गोलकीपर सविता पुनिया कहती हैं, “हमने बहुत अच्छी हॉकी खेली. हम भावुक भी हो गईं. अगर ऐसी हॉकी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल पातीं तो हम सेमीफ़ाइनल भी खेलतीं. लेकिन अब एशियाड हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट हो गया है. हम एशियाड में गोल्ड जीतकर लॉस एंजेल्स 2028 के लिए क्वालीफाई करना चाहेंगी.”


पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक मैच हारी हॉकी टीम

टूर्नामेंट में भारत ने शानदार शुरुआत की. भारत ने पेरिस ओलिंपिक्स की सिल्वर मेडल विजेता चीन के साथ 2-2 से मैच ड्रॉ खेला. फिर दक्षिण अफ़्रीका को 6-1 से हराया जो भारत महिला वर्ल्ड कप में अब तक की सबसे बड़ी जीत है. फिर वर्ल्ड नंबर-7 इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 0-0 से मैच ड्रॉ खेलकर अगले राउंड में प्रवेश कर लिया.

महिला टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार रहीं. अगले ग्रुप मैच में भारत की पहली टक्कर वर्ल्ड नंबर-1, डिफेंडिंग चैंपियन और मेज़बान हॉलैंड से हुई. हॉलैंड के खिलाफ भारत को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा.

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ करो या मरो के मैच में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया. भारत मैच को जीत नहीं सका और ऑस्ट्रेलिया ने मैच को ड्रॉ करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली.  

सॉलिड डिफेंस, धमाकेदार गोलकीपर

हरियाणा की गोलकीपर और पूर्व कप्तान सविता पूनिया और बिच्छू देवी के अलावा टीम की कप्तान झारखंड की सलीमा टेटे ने पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में कमाल का प्रदर्शन किया. ये टीम अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीतती रहीं. स्ट्राइकर नवनीत ने जर्मनी के ख़िलाफ़ 2 गोल कर टूर्नामेंट में अपनी पिछले मैचों की कमी की भरपाई कर दी.  

अब एशियाड में बड़ी उम्मीद

 2022 के हांगझोऊ एशियाड में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली भारतीय टीम ने 1982 में सिर्फ़ 1 बार गोल्ड मेडल जीता है. एशियाड में भारतीय टीम ने 1 गोल्ड (1982), 2 सिल्वर (1998, 2018) और 4 ब्रॉन्ज़ (1990, 1994, 2002, 2010) मेडल जीते हैं.

2026 के एशियाड गोल्ड मेडल विजेता को सीधे लॉस एंजेल्स 2028 के ओलिंपिक्स खेलों में जगह मिल जाएगी. भारत ने वर्ल्ड कप में चीन के साथ ड्रॉ मैच खेलकर अपना कॉन्फ़िडेंस तो बढ़ाया ही है अब हॉकी फ़ैन्स का भी भरोसा उनपर वैसा ही बढ़ गया है और वो उनसे बड़े पदक की उम्मीद करने लगे हैं.

वर्ल्ड कप हॉकी में भारत का सफ़र

  • पहला मैच: भारत 2-2 चीन; भारतीय गोल स्कोरर: नवनीत कौर (8'), दीपिका (25')
  • दूसरा मैच: भारत 6-1 दक्षिण अफ़्रीका; भारतीय गोल स्कोरर: सुनेलिता (11'), नवनीत (17'), सुशीला (25'), दीपिका (38'), लालरेम्सियामी (44'), साक्षी (45')
  • तीसरा मैच: भारत 0-0 इंग्लैंड
  • चौथा मैच: भारत 0-2 हॉलैंड
  • पांचवां मैच: भारत 0-0 ऑस्ट्रेलिया
  • छठा मैच: भारत 3-1 जर्मनी; भारतीय गोल स्कोरर: इशिका चौधरी (तीसरा क्वार्टर), नवनीत कौर (दो गोल - तीसरा और चौथा क्वार्टर)

ये भी पढ़ें-  भारतीय क्रिकेटर जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से भी अमीर, टीम इंडिया के पांच सबसे अमीर क्रिकेटर

 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Other Sports
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
//added to preserve the height