विज्ञापन
This Article is From Nov 30, 2025

मुंबई में आखिर क्यों खराब हो रही है हवा की गुणवत्ता, जानिए विशेषज्ञों ने क्या कुछ बताया

मुंबई और उसके उपनगरों में शहरी विकास देखने को मिल रहा है, जिसके तहत कई मेट्रो रेल लाइन से लेकर सड़क निर्माण, पुल और अन्य निर्माण गतिविधियां शामिल हैं.

मुंबई में आखिर क्यों खराब हो रही है हवा की गुणवत्ता, जानिए विशेषज्ञों ने क्या कुछ बताया
मुंबई:

दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी हवा की गुणवत्ता का स्तर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है. विशेषज्ञों के अनुसार मुंबई में हवा की गुणवत्ता खराब होने के पीछे विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी निर्माण गतिविधियों और वाहनों से होने वाला प्रदूषण काफी हद तक जिम्मेदार है. रविवार को मुंबई का औसत एक्यूआई 104 रहा, जो ‘मध्यम' श्रेणी में आता है. हालांकि, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स जैसे कुछ इलाकों में एक्यूआई ‘गंभीर' श्रेणी में रहा.

एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा', 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक', 101 से 200 के बीच ‘मध्यम', 201 से 300 के बीच ‘खराब', 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर' माना जाता है. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के जलवायु वैज्ञानिक अंशुमान मोदक ने एक्यूआई के स्तर में वृद्धि के लिए निर्माण गतिविधियों और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को प्रदूषण का मुख्य स्रोत बताया.

मुंबई और उसके उपनगरों में शहरी विकास देखने को मिल रहा है, जिसके तहत कई मेट्रो रेल लाइन से लेकर सड़क निर्माण, पुल और अन्य निर्माण गतिविधियां शामिल हैं. झुग्गी-झोपड़ियां, चॉल, मिल और औद्योगिक इकाइयां गगनचुंबी इमारतों में तब्दील हो रही हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, मुंबई की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने भी शहर में बुनियादी ढांचा गतिविधियों को एक्यूआई सूचकांक में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी पहलू भी इस मामले में अहम होते हैं.

नायर ने कहा कि सर्दी के मौसम की शुरुआत की विशेषता तापमान में तब्दीली और उत्तर-पूर्वी हवाएं हैं. तापमान में बदलाव के लिए परिस्थितियां तब अनुकूल हो जाती हैं जब आसमान साफ होने से जमीन तेजी से ठंडी हो जाती है और हवा की गति कम हो जाती है. इस प्रकार, ठंडी हवा की एक परत गर्म हवा के नीचे बन जाती है। ठंडी हवा घनी होने के कारण नीचे बैठ जाती है जिससे प्रदूषक फैल नहीं पाते. हालांकि, नायर ने बताया कि मुंबई जैसे महानगर में घनी और ऊंची शहरी संरचनाएं वायु प्रवाह में बाधा डाल सकती हैं, जो प्रदूषण के प्रसार में सहायक हो सकती है. पिछले वर्ष अक्टूबर में बीएमसी ने 28 दिशानिर्देश जारी किए थे, जिनमें धूल को नियंत्रित करने के लिए निर्माण स्थलों के चारों ओर धातु की चारदीवारी और हरे कपड़े से ढकना, पानी का छिड़काव करना, मलबे का उचित भंडारण और परिवहन करना और धुआं अवशोषण प्रणाली स्थापित करना शामिल था. बीएमसी ने कहा कि उसने महानगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक में वृद्धि के बीच वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले 53 निर्माण स्थलों को काम रोकने का नोटिस जारी किया है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
AQI In Mumbai, Mumbai Air Quality
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com