- सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र में 12 आदिवासियों के मकान तोड़े जाने का मामला आया है.
- इस घटना पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई, उन्होंने कहा-जुल्म की इम्तिहा हुई.
- कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के तहत हुई है, शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव से नाराजगी जताई है.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान उस वक्त नाराज हो गए, जब उनके क्षेत्र में 12 आदिवासियों के मकान तोड़े गए और फसल कुचल दी गई. यह कार्रवाई वन विकास विभाग निगम की तरफ से की गई थी. मकान तोड़े जाने से नाराज आदिवासी धरने पर बैठे थे, शिवराज सिंह चौहान भी उनके बीच पहुंचे और घटना पर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने तुरंत वन विकास विभाग निगम के अधिकारी को फोन पर नाराजगी जताई. उन्होंने धरना स्थल पर बैठकर पीड़ितों की समस्याएं सुनी, जहां कुछ महिलाएं उनसे मिलकर रोने लगी. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जुल्म और अन्याय की इंतिहां हुई है. मामले में उन्होंने सीएम मोहन यादव से मुलाकात कर बात करने की बात कही है.
बुधनी विधानसभा का मामला
यह घटना सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र की है. जहां से शिवराज सिंह चौहान भी लंबे समय तक विधायक रह चुके हैं. रविवार के दिन यहां के कोसमी गांव में 12 आदिवासी परिवारों के घर वन विकास विभाग निगम ने तोड़ दिए, यह कार्रवाई अतिक्रमण के तहत हुई थी. आरोप है कि इस दौरान खेतों में खड़ी मक्का की फसल को भी रौंद दिया गया. जबकि एक कुएं को भी पूर दिया गया. घटना की जानकारी मिलते ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान स्थानीय बीजेपी विधायक रमाकांत भार्गव के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है. धरने पर बैठे लोगों के साथ शिवराज सिंह चौहान ने जमीन पर बैठककर बात की और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

शिवराज सिंह चौहान ने जताई नाराजगी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन लगाकर कड़ी नाराजगी जताई और कहा मेरे क्षेत्र में जुल्म की इंतिहा हुई है. जिन घरों में सुबह बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब चीखें सुनाई दे रही हैं. शिवराज ने अधिकारियों से प्रभावितों के तुरंत रहने-खाने का इंतजाम करने और नए मकान बनाकर देने के सख्त निर्देश दिए. उन्होंने पीड़ित परिवारों को मामले में सीएम मोहन यादव से मुलाकात कर बात करने का आश्वासन दिया है.

कांग्रेस ने साधा निशाना
वहीं इस मामले में कांग्रेस ने भी निशाना साधा है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को आड़े हाथों लिया. उमंग सिंघार ने ट्वीट कर निशाना साधते हुए कहा कि ष्मोहन और मामा की आपसी खींचतान में गरीब आदिवासी परिवार उजड़ रहे हैं. कांग्रेस ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय देने की मांग की है.

क्यों हुई अतिक्रमण की कार्रवाई
मामले में वन विकास निगम सीहोर के डीएफओ तरुण कुमार का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है. उन्होंने बताया कि लाडक़ुई परिक्षेत्र की कोसमी बीट के कक्ष क्रमांक 426 में 183 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र है, जहां साल 2021 में पौधरोपण किया गया था. इस भूमि के लगभग 32 हेक्टेयर हिस्से पर वर्ष 2022 में अतिक्रमण किया गया था, जिसे हटाने की कार्रवाई की गई है. हालांकि इस कार्रवाई के बाद जिस तरह से शिवराज सिंह चौहान ने विरोध जताया है. उससे एमपी की राजनीति गर्मा गई है.
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