मध्‍यप्रदेश में गांव वालों ने बच्‍चा चोर समझकर 6 लोगों को पीटा, एक की मौत

धार जिले के पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के मुताबिक अनुसार, ये पैसे के लेनेदेन का मामला है, दो गाड़ी में 5-6 लोग जिनके यहां ये मजदूर काम करते थे इन्होंने पैसे ले लिये थे एडवांस, मजदूरी नहीं की थी.

मध्‍यप्रदेश में गांव वालों ने बच्‍चा चोर समझकर 6 लोगों को पीटा, एक की मौत

भोपाल:

मध्यप्रदेश में धार ज़िले के मनावर तहसील में उन्मादी भीड़ ने 6 लोगों पर कथित तौर पर बच्चा चोरी के अफवाह में हमला कर दिया जिसमें एक की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई जबकि 5 गंभीर रूप से घायल हो गये. बताया जा रहा है कि सांवेर के खेड़ा गांव से 6 किसानों ने कुछ महीने पहले खेत में मजदूरी के लिए तिरला ब्लॉक के ग्राम खिरकिया के पांच मजदूरों अवतार, जामसिंह, महेश, राजेश व सुनील को एडवांस के तौर 50-50 हजार रुपए दिए थे, लेकिन ये सभी इन किसानों के यहां मजदूरी करने की बजाए गुजराते चले गए. इन मजदूरों के बुलाने पर ये सभी किसान दो कार से खिरकिया पहुंचे, जहां 15-20 ग्रामीणों ने रास्ता रोककर इन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस पर ये जान बचाकर भागे. आगे सड़क जाम में दोनों गाड़ियां फंस गईं. तबतक ये अफवाह फैला दी गई कि कुछ लोग दो बच्चों का अपहरण कर भागे हैं.

बोरलाई में ये लोग भीड़ के हत्थे चढ़ गये. धार जिले के पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के मुताबिक अनुसार, ये पैसे के लेनेदेन का मामला है, दो गाड़ी में 5-6 लोग जिनके यहां ये मजदूर काम करते थे इन्होंने पैसे ले लिये थे एडवांस, मजदूरी नहीं की थी. इसलिये खिरकिया गांव के लोगों ने पहले गांव बुलाया फिर पत्थरबाजी की. जब ये भागे तो बोरलाई गांव के पास इन लोगों को घेर लिया. मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई.


हमले में घायल नरेन्द्र शर्मा ने बताया, 'हम पैसे लेने आए थे, उन्होंने पथराव चालू कर दिया. घर से हम चले, हमने थाने में सूचना दी. उन्होंने कहा चले जाओ लेकिन वहां कोई बहसबाजी मत करना. हम वहां गये तो पत्थर मारने लगे. हम भागे तो उन्होंने अफवाह फैला दी. बाद में बोरलाई के पास गांववालों ने पकड़ कर मारा.'

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हालांकि धार एसपी का दावा है कि इस घटना में केवल तीन श्रमिक ठेकेदार और उनके 10-15 सहयोगी शामिल थे लेकिन जो वीडियो वायरल हुए हैं वह ग्रामीणों की भीड़ को दिखाते हैं ये भी दिखाते हैं कि पुलिस वहां मौजूद थी लेकिन वो हिंसक भीड़ के आगे असहाय थी. एक वीडियो में ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों को दिखाया गया है कि वे हरे रंग के पाइपों से घायल किसानों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.