विज्ञापन
This Article is From Mar 13, 2026

सीनियर अकाउंट मैनेजर ने खुद के खाते में पैसे किए ट्रांसफर, उम्रकैद के साथ-साथ 1.97 करोड़ का जुर्माना

Pithampur Company Fraud: कंपनी की ऑडिट टीम द्वारा खातों की जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं का पता चला. इसके बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक ने आरोपी के खिलाफ पीथमपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया.

सीनियर अकाउंट मैनेजर ने खुद के खाते में पैसे किए ट्रांसफर, उम्रकैद के साथ-साथ 1.97 करोड़ का जुर्माना

Pithampur Company Fraud: धार जिले के औद्योगिक नगर पीथमपुर में एक कंपनी के सीनियर अकाउंट मैनेजर द्वारा करीब दो करोड़ रुपये की हेराफेरी करने के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है. चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, धार की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 1 करोड़ 97 लाख 73 हजार 717 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है.

आरोपी सीनियर अकाउंट मैनेजर के पद पर पदस्थ था

मामले में आरोपी राघव राजपूत पीथमपुर स्थित मैसर्स शक्ति ऐरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में वर्ष 2017 से सीनियर अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था. आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जून 2021 से वर्ष 2022 के बीच कंपनी की बड़ी राशि अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली. जांच में सामने आया कि यह रकम कंपनी द्वारा वेंडरों को किए जाने वाले भुगतान के लिए निर्धारित थी.

आरोपी के खिलाफ इन धाराओं में मामला दर्ज

कंपनी की ऑडिट टीम द्वारा खातों की जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं का पता चला. इसके बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक ने आरोपी के खिलाफ पीथमपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी धाराएं) के तहत प्रकरण दर्ज किया.

आरोपी गिरफ्तार, कंपनी का लैपटॉप आदि जब्त

जांच के दौरान सहायक उप निरीक्षक चंद्रशेखर पटेल ने आरोपी को गिरफ्तार किया. पुलिस ने उसके कब्जे से कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए. बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कंपनी की राशि का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग और अपने व्यक्तिगत बैंक ऋणों के भुगतान में किया था.

यह मामला सुनवाई के लिए चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, धार की अदालत में चला. शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शरद कुमार पुरोहित ने अदालत में 17 गवाहों के बयान, 88 दस्तावेजी साक्ष्य और 7 जब्तशुदा वस्तुएं प्रस्तुत कीं. इनमें कंपनी के प्रबंध निदेशक, विधिक सलाहकार और बैंक अधिकारियों के बयान भी शामिल थे. सभी साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी राघव राजपूत को दोषी पाया. अदालत ने उसे आजीवन सश्रम कारावास की सजा के साथ 1 करोड़ 97 लाख 73 हजार 717 रुपये का अर्थदंड भी लगाया. यह फैसला आर्थिक अपराधों के मामलों में कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें: फरवरी में नागपुर रेल मंडल की रिकॉर्ड कमाई, 2.20 मिलियन यात्रियों ने की यात्रा, 26.67 करोड़ से अधिक की आय

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Dhar News, Pithampur News, Madhya Pradesh
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com