
मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष का चयन 7 जनवरी को होगा. पहले इस रेस में पूर्व मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम था, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने खुद कहा कि वह इस रेस में नहीं हैं. माना जा रहा है कि पार्टी सवर्णों की नाराज़गी दूर करने के लिए नरोत्तम मिश्रा या विंध्य से पार्टी के कद्दावर नेता राजेन्द्र शुक्ल को ये जिम्मेदारी सौंप सकती है. वैसे सूत्रों के मुताबिक शिवराज पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह को ये जिम्मा दिलवाने के लिये मोर्चाबंदी कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने बताया कि भाजपा के सभी नवनिर्वाचित विधायकों की आवश्यक बैठक 7 जनवरी को शाम 5 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय, पं. दीनदयाल परिसर में आहूत की गयी है. बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे.
छत्तीसगढ़ : चरणदास महंत विधानसभा अध्यक्ष और धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष चुने गए
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश से पहले ही छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष का चयन हो चुका है. धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष होंगे. वहीं, चरणदास महंत को विधानसभा अध्यक्ष चुन लिया गया है. बिल्हा के विधायक धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ में बीजेपी के अनुभवी नेता हैं. वे ओबीसी वर्ग से हैं और विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं. हालांकि वे 2013 में चुनाव हार गए थे, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. इस बार वे फिर से बिल्हा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. इससे पहले दावेदारों में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, ननकीराम कंवर भी शामिल थे. हालांकि शुरुआती बैठक में ही डॉ रमन सिंह ने अपनी दावेदारी छोड़ दी थी. इसके बाद बृजमोहन अग्रवाल और ननकीराम कंवर को मजबूत दावेदार बताया जाने लगा. लेकिन धरमलाल कौशिक के नाम पर आखिरकार मुहर लगा दी गई है.
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