
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. सरकार ने इस मामले में अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है. वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे पर कई जिला मुख्यालयों में रैली निकाली, मांग की सरकार फौरन इस कानून को लागू करे. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में बीजेपी के नेता लगभग उसी वक्त राजभवन पहुंचे, जिस वक्त राजभवन के ठीक सामने मिंटो हॉल में कमलनाथ सरकार सत्ता में साल भर पूरे होने का जश्न मना रही थी.
मंगलवार को कानून लागू करने की मांग को लेकर बीजेपी के विधायक, पदाधिकारी राजधानी भोपाल की सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे, राजभवन में ज्ञापन देकर प्रदेश में इस कानून को तत्काल लागू करने की मांग की. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कांग्रेस अल्पसंख्यक वर्ग के मन में डर पैदा करना चाहती है, वोटों की पॉलिटिक्स करना चाहते हैं बीजेपी कहना चाहती है कि ये कानून मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. किसी कारण से बांग्लादेश, पाकिस्तान में वहां के जो अल्पसंख्यक फंस गए उनका मानवाधिकार सुरक्षित करने का कानून है.
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा ये अंसभव है, सवाल ही नहीं पैदा होता, संसद के बनाए कानून को राज्य सरकार को लागू करना ही होगा.
सोमवार को भोपाल के इकबाल मैदान में जमा छात्रों ने कानून का विरोध किया, साथ ही अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पुलिस की कथित ज्यादती का भी.
उधर सरकार का कहना है, फैसला कमलनाथ और आलाकमान करेगा बीजेपी नहीं. ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा शिवराज जी के कहने से मप्र सरकार नहीं चलेगी, कमलनाथजी के कहने से चलेगी. वहीं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा शिवराज सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं है, कौन सा कानून लागू करना, कौन सा नहीं लागू नहीं करना ये प्रदेश सरकार के ऊपर है. सरकार अभी अध्ययन कर रही है इसके बाद इसको लागू करना है या नहीं मुख्यमंत्री फैसला करेंगे.
नागरिकता संशोधन कानून के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर कानून बनाने से पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक नहीं बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण था. उधर बीजेपी इस मामले को राजभवन तक तो लेकर गई ही है, वो इस मामले में जनजागरण अभियान चलाने की भी बात कह रही है.
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