
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक वकील, उसके भाई और एक बेटे के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की टीम को उसके घर पर छापेमारी के दौरान ड्यूटी करने से रोकने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की है. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी. उन्होंने बताया कि यहां उसके घर से कारतूस बरामद होने के बाद शस्त्र अधिनियम के तहत एक और प्राथमिकी दर्ज की गई.
एनआईए के एक प्रवक्ता ने इससे पहले बताया था कि मध्य प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के साथ संयुक्त अभियान में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात को जबलपुर में 13 स्थानों पर छापेमारी की गयी और इस दौरान आईएसआईएस से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के कथित तीनों लोगों को गिरफ्तार किया.
पुलिस अधीक्षक टी.के विद्यार्थी ने कहा कि एनआईए की शिकायत के आधार पर पुलिस ने लोक सेवकों के काम में बाधा डालने और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की हैं. उन्होंने कहा कि प्राथमिकी ओमती थाने में दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि एनआईए की टीम ने शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात वकील अब्दुल्ला उस्मानी के घर पर छापा मारा और इस दौरान अब्दुल्ला के भाई अमानुद्दीन और बेटे अहरम ने एनआईए टीम के साथ बहस की और उन्होंने एनआईए टीम को ड्यूटी करने से रोका.
उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान उनके घर में अवैध रूप से रखे कारतूस मिले. इसलिए शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है.
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