- मौजूदा हालात को देखकर लगता है कि ईवीएम लहर चल रही है- सिसोदिया
- हार के लिए ईवीएम को दोषी नहीं ठहरा सकते - दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा
- 'आप' को हार के वास्तविक कारणों का मंथन करना चाहिए - भगवंत मान
नई दिल्ली:
दिल्ली नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी की करारी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने को लेकर पार्टी साफ तौर पर दो धड़ों में बंटी दिख रही है. आप के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि मौजूदा हालात को देखकर लगता है कि दिल्ली में 'ईवीएम लहर' चल रही है. उन्होंने कहा कि निगम चुनाव में भाजपा को वोट मिलने का कोई कारण नजर नहीं आता है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी हमारा मजाक उड़ा सकता है लेकिन मजाक से डरकर हम सच बोलने से खुद को अलग नहीं कर सकते हैं.
कुछ ऐसी ही बात दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने भी कही. गोपाल राय ने कहा कि पूरे शहर में 'ईवीएम की लहर' चल रही है. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिये खतरा बताते हुये कहा कि यही बात उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिली. राय ने कहा कि मतदाताओं के मताधिकार को सुनिश्चित करना होगा. भाजपा लोकतंत्र को नष्ट करना चाहती है. लेकिन केजरीवाल सरकार के ही मंत्री कपिल मिश्रा ने एमसीडी चुनावों में हार के लिए आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि हार के लिए केवल ईवीएम को दोषी नहीं ठहरा सकते.
मिश्रा ने कहा कि आत्मविश्लेषण करने का समय आ गया है कि दो साल बाद हमें ऐसा दिन क्यों देखना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि चाहे मोदी लहर हो या नहीं, यह स्पष्ट हो गया है कि लोगों ने हमें वोट नहीं दिया. आज वास्तविकता है कि हमें 2015 की तुलना में काफी कम सीट मिली है. परिणाम को महज ईवीएम पर दोष मढ़कर नहीं देखा जा सकता.
पार्टी के सांसद भगवंत मान ने भी इसी तरह की राय जाहिर की है. आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के रुख से अलग जाते हुये पंजाब के संगरूर से सांसद भगवंत मान ने कहा कि हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना लाभप्रद साबित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को पंजाब में हार के वास्तविक कारणों पर मंथन करना चाहिए. उन्होंने पार्टी नेतृत्व के 'मोहल्ला क्रिकेट टीम' की तरह के रवैये की भी आलोचना करते हुए कहा कि आप ने पंजाब विधानसभा चुनाव में मतदान की रणनीति को लेकर ऐतिहासिक चूक की. पार्टी की पंजाब इकाई के संयोजक गुरप्रीत सिंह घुग्गी ने भी मान की दलीलों का समर्थन किया है.
कुछ ऐसी ही बात दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने भी कही. गोपाल राय ने कहा कि पूरे शहर में 'ईवीएम की लहर' चल रही है. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिये खतरा बताते हुये कहा कि यही बात उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिली. राय ने कहा कि मतदाताओं के मताधिकार को सुनिश्चित करना होगा. भाजपा लोकतंत्र को नष्ट करना चाहती है. लेकिन केजरीवाल सरकार के ही मंत्री कपिल मिश्रा ने एमसीडी चुनावों में हार के लिए आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि हार के लिए केवल ईवीएम को दोषी नहीं ठहरा सकते.
मिश्रा ने कहा कि आत्मविश्लेषण करने का समय आ गया है कि दो साल बाद हमें ऐसा दिन क्यों देखना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि चाहे मोदी लहर हो या नहीं, यह स्पष्ट हो गया है कि लोगों ने हमें वोट नहीं दिया. आज वास्तविकता है कि हमें 2015 की तुलना में काफी कम सीट मिली है. परिणाम को महज ईवीएम पर दोष मढ़कर नहीं देखा जा सकता.
पार्टी के सांसद भगवंत मान ने भी इसी तरह की राय जाहिर की है. आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के रुख से अलग जाते हुये पंजाब के संगरूर से सांसद भगवंत मान ने कहा कि हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना लाभप्रद साबित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को पंजाब में हार के वास्तविक कारणों पर मंथन करना चाहिए. उन्होंने पार्टी नेतृत्व के 'मोहल्ला क्रिकेट टीम' की तरह के रवैये की भी आलोचना करते हुए कहा कि आप ने पंजाब विधानसभा चुनाव में मतदान की रणनीति को लेकर ऐतिहासिक चूक की. पार्टी की पंजाब इकाई के संयोजक गुरप्रीत सिंह घुग्गी ने भी मान की दलीलों का समर्थन किया है.
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