विज्ञापन

जब उद्धव ठाकरे की फडणवीस ने की जमकर तारीफ, बोले- उनके स्वभाव में राजनीति कम, मन कलाकार जैसा

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का विधान परिषद का कार्यकाल खत्म हो गया. इस मौके पर सीएम देवेंद्र फणडवीस ने उनकी जमकर तारीफ की. फडणवीस ने 2019 में हुई दूरियों पर भी बात रखी.

जब उद्धव ठाकरे की फडणवीस ने की जमकर तारीफ, बोले- उनके स्वभाव में राजनीति कम, मन कलाकार जैसा
देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे. (फाइल फोटो)
  • महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का विधान परिषद का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो गया है
  • सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की राजनीति से कम कलाकार की भावना वाले व्यक्तित्व के रूप में तारीफ की
  • फडणवीस ने ठाकरे को एक ऐसे फोटोग्राफर बताया जिन्होंने महाराष्ट्र की संस्कृति को अपने कैमरे में कैद किया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का विधान परिषद का कार्यकाल मंगलवार को खत्म हो गया. उनके साथ-साथ 8 और सदस्यों का कार्यकाल भी खत्म हुआ. इस मौके पर विधान परिषद में विदाई समारोह रखा गया. इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की जमकर तारीफ की. फडणवीस ने कहा कि ठाकरे का स्वभाव राजनेता जैसा नहीं है. उनमें राजनीति कम है और उनका मन कलाकार का है. आखिरी में फडणवीस ने ठाकरे से कहा- 'पुन्हा भेटू' यानी 'फिर मिलेंगे'.

विदाई के मौके पर फणडवीस ने पुरानी यादें ताजा कीं. उन्होंने 2014 की नजदीकियों से लेकर 2019 की दूरी तक पर बात की. सीएम फडणवीस ने कहा, 'आज हम इस सदन से रिटायर हो रहे सदस्यों को विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए हैं. यह एक महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि आज हम पूर्व मुख्यमंत्री और स्वर्गीय हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे जी को विदाई दे रहे हैं. राजनीति में मतभेद होते हैं, कभी हम साथ होते हैं तो कभी अलग, लेकिन इन सबसे परे सह-यात्री होने का एक गहरा रिश्ता होता है.'

यह भी पढ़ेंः फडणवीस सरकार के किस बिल पर ठाकरे की शिवसेना आ गई साथ?

'उद्धव जी के स्वभाव में राजनीति कम है'

उन्होंने कहा कि 'उद्धव जी के स्वभाव में राजनीति थोड़ी कम है. उनका व्यक्तित्व एक राजनेता जैसा नहीं है, इसलिए कई बार उनके लिए गए निर्णयों से अलग तरह की परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं. यह गुण उन्हें बालासाहेब से विरासत में मिला है एक बार जो तय कर लिया, वह निर्णय ले लेना.'

फडणवीस ने कहा, 'वह एक फोटोग्राफर हैं. उन्होंने महाराष्ट्र की विभिन्न छटाओं को अपने कैमरे में कैद किया है. उनके काम में महाराष्ट्र की संस्कृति के प्रति उनका प्रेम झलकता है. वारी की फोटोग्राफी के लिए उन्होंने हेलीकॉप्टर से रिस्क लेकर अपना शौक पूरा किया.'

यह भी पढ़ेंः महाराष्‍ट्र में 'धर्म परिवर्तन कानून' पर विपक्ष ने CM को घेरा, फडणवीस ने कहा- ध्‍यान से पढ़ें एक्‍ट

'जिन्हे हाथ पकड़कर चलना था, वह...'

विदाई समारोह में फडणवीस ने 2014 की करीबियां और 2019 की दूरियों पर भी बात रखी. उन्होंने कहा कि '2014 के बाद हमारी निकटता बढ़ी, लेकिन बाद में हमारी राजनीतिक भूमिकाएं अलग हो गईं. राजनीति में काम करते समय मैंने देखा कि निर्णय लेते वक्त उन्होंने कभी उसके परिणामों की चिंता नहीं की. 2019 में हम अलग हुए, उस पर बस यही कहूंगा कि जिनको मेरा हाथ पकड़कर चलना था... वो बात पकड़कर बैठ गए.'

उन्होंने आगे कहा कि 'शब्दों के धनी की उपमा उद्धव ठाकरे जी को दूंगा.' उन्होंने कहा कि 'उनका मूल स्वभाव रिश्ते निभाने का है. यदि वे चाहें, तो अगले 6 सालों के लिए फिर से सदन में वापस आ सकते हैं. हमने इस सदन में उन्हें कम सुना है, अगर वे लौटते हैं तो हमें उन्हें और सुनना अच्छा लगेगा.'

फडणवीस ने कहा कि 'मेरा 'पुन्हा येईन' मैं वापस आऊंगा प्रसिद्ध है, लेकिन आज मैं कहता हूं- 'पुन्हा भेटू' यानी फिर मिलेंगे.'

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com