- शिवसेना यूबीटी) ने अपने बागी सांसदों को बैठक में न पहुंचने पर कारपण बताओ नोटिस भेजा है
- पार्टी ने कहा कि यदि सांसद 24 घंटे में जवाब नहीं देंगे तो उनकी सदस्यता जा सकती है
- यह नोटिस लोकसभा सांसदों की बैठक में गैरहाजिरी और पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर जारी किया गया है
उद्धव ठाकरे की शिवसेना में टूट का संकट लगातार बना हुआ है. चार साल में ये दूसरी बार है जब पार्टी टूट के खतरे का सामना कर रही है. वहीं बागी सासंदों की सदस्यता जाने का भी खतरा मंडरा रहा है. दरअसल शिवसेना उद्धव ठाकरे (यूबीटी) पार्टी ने अपने बागी सांसदों को नोटिस भेजकर 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. पार्टी ने बागियों को उनका स्पष्टीकरण देने के लिए 24 घंटे का समय दिया है. साथ ही उनको सदस्यता छिनने की भी चेतावनी दी गई है.
नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर तय समय के भीतर जवाब नहीं आता है, तो यह मान लिया जाएगा कि सांसदों ने पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है. यह नोटिस शिवसेना यूबीटी के चीफ व्हिप अनिल देसाई ने जारी किया है.

बागी सांसदों को भेजा 'कारण बताओ' नोटिस
ये 'कारण बताओ' नोटिस सांसदों को 18 जून को दिल्ली में हुई लोकसभा सदस्यों की बैठक में गैरहाजिर रहने को लेकर जारी किया गया है. इसमें लिखा है कि 16 जून को पार्टी का व्हिप जारी हुआ था. जिसमें बैठक को लेकर जानकारी दी गई थी. ये जानकारी सभी को ईमेल, वॉट्सऐप और दिल्ली स्थित आपके आवास पर भेजी गई थी. लेकिन आप लोग इस बैठक में शामिल नहीं हुए. न ही आप लोगों ने नहीं आना की वजह बताई. इसे पार्टी ने बहुत ही गंभीरता से लिया है. यह पार्टी व्हिप का उल्लंघन है. इसलिए यह 'शो-कॉज़' नोटिस जारी किया गया है.
24 घंटे में जवाब नहीं दिया तो जाएगी सदस्यता
इस नोटिस के मिलने के चौबीस घंटे के भीतर आप लोगों को पार्टी-विरोधी व्यवहार के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा. अगर इस समय सीमा में उचित जवाब या स्पष्टीकरण नहीं मिला तो यह मान लिया जाएगा कि आपने अपनी मर्जी से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है. ध्यान रहे कि भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत आपके कामों के नतीजों के लिए आपको जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
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