- सरकार ने बाल यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों को लेकर मेटा के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की
- IT मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को मेटा से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए
- मंत्रालय मेटा से पूछेगा कि आपत्तिजनक विज्ञापन कैसे दिखाए गए और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए
सरकार ने बाल यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को लेकर मेटा पर एक्शन किया है. आईटी मंत्री ने भारत में इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों के मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों को मेटा से जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं.
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय इस पूरे मामले में मेटा से स्पष्टीकरण मांगेगा कि ऐसे विज्ञापन इंस्टाग्राम पर कैसे दिखाए गए और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए.
सरकार ने व्हाट्सऐप के ‘यूजरनेम फीचर' को लेकर मेटा को दिया नोटिस
इससे पहले सरकार ने बुधवार को भारत में व्हाट्सऐप के विवादस्पद ‘यूजरनेम फीचर' को लेकर मेटा को नोटिस दिया. साथ ही चेतावनी दी कि जब तक इस मुद्दे पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस ‘फीचर' को पेश नहीं किया जाए. सरकार ने मेटा को ‘यूजरनेम फीचर' के बारे में तीन दिन के अंदर विस्तार से जानकारी देने का भी निर्देश दिया है.
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने व्हाट्सऐप पर ‘यूजरनेम फीचर' पेश करने को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया है. मेटा को नोटिस भेजकर पूछा गया है कि व्हाट्सऐप के प्रस्तावित ‘फीचर' को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए.
भारत में व्हाट्सऐप के लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं. इस लिहाज से यह इस प्लेटफॉर्म के लिए एक अहम बाजार है. सूत्रों ने बताया कि मेटा के स्वामित्व वाले मंच को निर्देश दिया गया है कि जब तक इस मामले पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस ‘फीचर' को पेश नहीं किया जाए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं