नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थापना दिवस पर निकाली गई शोभायात्रा अब विवाद का विषय बन गई है. डीजे बजाने के मामले में पुलिस कार्रवाई और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी झांकी को नोटिस जारी किए जाने के बाद VHP ने नागपुर पुलिस के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है. संगठन ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी है.
केवल एक पुलिस थाने की कार्रवाई पर उठाए सवाल
VHP का कहना है कि शोभायात्रा धंतोली, सीताबर्डी और गणेशपेठ पुलिस स्टेशन क्षेत्रों से होकर गुजरी थी. इसके बावजूद कार्रवाई केवल सीताबर्डी पुलिस की ओर से की गई. संगठन का आरोप है कि पूरे मामले में निष्पक्षता नहीं बरती गई और चुनिंदा तौर पर कार्रवाई की गई.
डेसिबल मीटर की जगह मोबाइल से जांच का आरोप
VHP ने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं. संगठन का दावा है कि डीजे की आवाज मापने के लिए अधिकृत डेसिबल मीटर का उपयोग नहीं किया गया. उनकी ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने मोबाइल फोन के जरिए आवाज का स्तर मापा और उसी आधार पर कार्रवाई की गई.
संगठन ने जोन-2 की एसीपी अन्नपूर्णा सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. VHP के अनुसार एसीपी ने शोभायात्रा को रोकने की कोशिश की और साउंड सिस्टम लेकर चल रहे वाहनों की चाबियां तक निकाल लीं. VHP का कहना है कि यह कार्रवाई पुरानी रंजिश के कारण की गई.
RSS की झांकी पर नोटिस से बढ़ा विवाद
शोभायात्रा में RSS के शताब्दी वर्ष को समर्पित एक विशेष झांकी भी शामिल थी. VHP का आरोप है कि पुलिस ने इस झांकी को सामाजिक तनाव पैदा करने वाला बताते हुए इसे तैयार करने वाले कारीगर को नोटिस भेज दिया. संगठन ने इसे अनुचित बताते हुए कड़ा विरोध जताया है.
VHP ने नागपुर पुलिस आयुक्त से एसीपी अन्नपूर्णा सिंह को निलंबित करने की मांग की है. संगठन ने साफ कहा है कि यदि शोभायात्रा पर दर्ज मामला और RSS की झांकी से जुड़ा नोटिस जल्द वापस नहीं लिया गया तो नागपुर में व्यापक और तीव्र आंदोलन शुरू किया जाएगा.
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