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महाराष्ट्र डिप्टी सीएम का अब फर्जी OSD गिरफ्तार, पुणे DCP को धमकाने की कोशिश करते पकड़ा गया

Fake OSD Caught: डीसीपी को गुमराह करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार हुए शख्स की पहचान प्रद्युम्न श्रीहरी पाटिल के रूप में हुई है. हिंजवड़ी निवासी 47 वर्षीय प्रद्युम्न श्रीहरी ने डीएसपी को धमकी खुद को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का ओएसडी बताकर दी थी, लेकिन पता चला कि डिप्टी सीएम का प्रद्युम्न श्रीहरी नाम का कोई ओएसडी ही नहीं है.

महाराष्ट्र डिप्टी सीएम का अब फर्जी OSD गिरफ्तार,  पुणे DCP को धमकाने की कोशिश करते पकड़ा गया
FAKE OSD ARRESTED OF MAHARASHTRA DEPUTY CM EKNATH SHINDE ARRESTED

Eknath Shinde Fake OSD: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का अब एक फर्जी ओएसडी गिरफ्तार हुआ है, फर्जी ओएसडी बनकर आरोपी ने पुणे पुलिस उपायुक्त को गुमराह कर दबाव बना रहा था. शख्स को पुणे पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुणे के जोन-1 के पुलिस उपायुक्त ऋषिकेश रावले के कार्यालय पहुंचकर आरोपी ने खुद को उपमुख्यमंत्री का ओएसडी बताते हुए डीसीपी से कहा कि उन्होंने एक मामले में जांच ठीक से नहीं की.

डीसीपी को गुमराह करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार हुए शख्स की पहचान प्रद्युम्न श्रीहरी पाटिल के रूप में हुई है. हिंजवड़ी निवासी 47 वर्षीय प्रद्युम्न श्रीहरी ने डीएसपी को धमकी खुद को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का ओएसडी बताकर दी थी, लेकिन पता चला कि डिप्टी सीएम का प्रद्युम्न श्रीहरी नाम का कोई ओएसडी ही नहीं है.

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ओएसडी बताते हुए पुणे के जोन-1 के पुलिस उपायुक्त के कार्यालय पहुंचा था आरोपी

रिपोर्ट के मुताबिक खुद को महाराष्ट्र डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का ओएसडी बताते हुए आरोपी प्रद्युम्न पुणे के जोन-1 के पुलिस उपायुक्त ऋषिकेश रावले के कार्यालय पहुंचा था और खुद को उपमुख्यमंत्री का ओएसडी बताते हुए डीसीपी से कहा कि उन्होंने एक मामले में जांच ठीक से नहीं की है. आरोपी ने किसी मामले में अधिकारी पर दबाव बनाने और  गुमराह करने की कोशिश भी कर रहा था.

खुद को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का ओएसडी बताने वाला प्रद्युम्न श्रीहरि

खुद को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का ओएसडी बताने वाला प्रद्युम्न श्रीहरी पाटिल

डीसीपी को फर्जी OSD की हरकतों पर शक हुआ, उपमुख्यमत्री कार्यालय ने की पुष्टि

मामले प्रतिक्रिया देते हुए डीसीपी ऋषिकेश रावले ने बताया कि उन्हें शख्स की हरकतों पर शक हुआ. उन्होंने तुरंत आरोपी की सत्यता की पुष्टि करने के लिए तुरंत उपमुख्यमंत्री कार्यालय से जानकारी जुटाई. उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि प्रद्युम्न पाटिल नामक कोई भी व्यक्ति उपमुख्यमंत्री का ओएसडी नहीं है और सामने खड़ा प्रद्यम्न फर्जी है, जो धोखाधड़ी कर रहा है.

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कुछ दिनों पहले ही महाराष्ट्र डिप्टी सीएम का एक फर्जी निजी सहायक भी जलगांव गिरफ्तार हुआ था. आरोपी क्रमशः हितेश रमेश संघवी और अर्पिता संघवी खुद को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का निजी सहायक बताते थे और लोगों का भरोसा जीतने के लिए फर्जी निजी सहायक ने फर्जी पहचान पत्र, लेटरहेड और नियुक्ति पत्र तक बनवा रखा था.

ओएसडी की सच्चाई सामने आते ही पुणे की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया

गौरतलब है फर्जी ओएसडी की सच्चाई सामने आते ही पुणे के विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में आरोपी को तुरंत आरोपी प्रद्युम्न पुणे को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 (धोखाधड़ी के लिए नकली पहचान) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब गिरफ्तार किए गए शख्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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