महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार रात एक अहम मुलाकात ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेता और सांसद पार्थ पवार ने मुंबई स्थित शरद पवार के निवास ‘सिल्वर ओक' पहुंचकर उनसे लंबी बातचीत की. यह मुलाकात रात करीब 8 बजे शुरू हुई और लगभग 11 बजे तक चली.
बंद कमरे में करीब तीन घंटे चली चर्चा
जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक बातचीत हुई. हालांकि बैठक के बाद किसी भी पक्ष ने चर्चा के विषय को सार्वजनिक नहीं किया. मुलाकात की वजह स्पष्ट न होने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या एनसीपी के दोनों गुटों के बीच रिश्ते सुधारने की कोई कोशिश चल रही है. लंबे समय से अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर चल रहे दोनों धड़ों को लेकर अटकलें फिर तेज हो गई हैं.
हसन मुश्रीफ ने राजनीतिक अटकलों को किया खारिज
इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और मंत्री हसन मुश्रीफ ने इसे पारिवारिक मुलाकात बताया. उन्होंने कहा कि शरद पवार केवल एक बड़े राजनीतिक नेता ही नहीं बल्कि पवार परिवार के मुखिया भी हैं. मुश्रीफ ने कहा कि पार्थ पवार उनके पोते हैं. यदि कोई पोता अपने दादा से मार्गदर्शन लेने जाता है तो उसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए. उन्होंने इस मुलाकात को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक अर्थों को ज्यादा महत्व न देने की बात भी कही.
क्या फिर करीब आएंगे दोनों गुट?
भले ही मुलाकात को पारिवारिक बताया जा रहा हो लेकिन इसके राजनीतिक मायने तलाशे जा रहे हैं. महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा होती रही है. ऐसे में पार्थ पवार और शरद पवार की यह लंबी बैठक कई सवाल छोड़ गई है. फिलहाल बैठक का एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन इस मुलाकात ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में नई संभावनाओं और समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है.
यह भी पढ़ें- 'राहुल गांधी की तारीफ करो, 25000 रुपये मिलेंगे', VIDEO शेयर कर बीजेपी का कांग्रेस पर वार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं