नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी युवाओं को लुभाने के लिए लगातार उनके साथ संवाद कर रहे हैं. इसी कड़ी में वे पुणे में भी एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं. वहां भी वे नौजवानों से संवाद करेंगे और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएंगे.
वायरल वीडियो में क्या है?
इसी बीच बीजेपी की तरफ से राहुल गांधी पर एक बड़ा आरोप लगाया गया है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है. इस कथित वायरल वीडियो में एक इन्फ्लुएंसर को 25 हजार रुपये के बदले राहुल गांधी के पक्ष में बोलने के लिए कहा जा रहा है.
प्रदीप भंडारी के मुताबिक, एक कॉल रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर एक युवती को कार्यक्रम में शामिल होने और राहुल गांधी पर वीडियो बनाने के लिए 25 हजार रुपये की पेशकश की गई है. बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, कांग्रेस सोशल मीडिया एजेंसियों के जरिए भीड़ जुटा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का नौजवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़ा है.
Congress paying 25000 ₹ to GenZ influencers for attending Rahul Gandhi's event in Pune!
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) August 21, 2026
Rahul Gandhi and Congress do not have any genuine public support!
They can manufacture support through PR agencies and paid crowds; but they cannot win hearts of India'a Youth!
Youth are… pic.twitter.com/d4qUHc2RVt
प्रदीप भंडारी ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के चुनाव में भी कांग्रेस को जनता जवाब दे चुकी है. उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी और कांग्रेस को करारा जवाब मिलेगा.
पैसे देकर भीड़ जुटा रही कांग्रेस?
वहीं, प्रदीप भंडारी द्वारा साझा किए गए कथित वीडियो पर एक और बीजेपी नेता ने भी बयान दिया है. बीजेपी नेता आशीष शेलार ने भी कांग्रेस की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कांग्रेस को अब भीड़ जुटाने के लिए भी पैसे देने पड़ रहे हैं. वह कहते हैं कि वीडियो बिल्कुल स्पष्ट है. उसमें सामने वाला व्यक्ति कह रहा है कि 22 तारीख को इवेंट है, तब वीडियो बनाओ, विशेषकर छात्रा बहनों का वीडियो बनाओ.
आशीष शेलार ने आगे कहा कि आपको भीड़ जुटाने के लिए पैसे क्यों देने पड़ते हैं? आपको भाड़े के समर्थकों की जरूरत क्यों पड़ती है? कांग्रेस का यह फर्जीवाड़ा सबके सामने आ गया है. उनके पास आने वाले लोग फर्जी समर्थक हैं. जिनके पास असली भीड़ नहीं जुटती और जिन्हें अपने विचारों का समर्थन करने वाले लोग नहीं मिलते, उन्हें ऐसे फ़र्ज़ी समर्थकों का सहारा लेना पड़ता है.
बीजेपी नेता इस बात पर भी जोर दिया कि महाराष्ट्र पुलिस को इस मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए. ये पैसे बांटने वाले लोग कौन हैं? यह पैसा आखिर कहाँ से आ रहा है? क्या यह पैसा तिलक भवन कांग्रेस मुख्यालय से आ रहा है या फिर विदेश से? इस तरह की आर्थिक मदद करने वाले व्यक्ति की पूरी जांच होनी चाहिए. इन लोगों का इस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कोई विश्वास नहीं रह गया है.
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