Nashik TCS Case Story: नासिक से सामने आए TCS धर्मांतरण कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है. अब इस मामले में पीड़िता के परिवार ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. NDTV को परिवार ने बताया कि कैसे एक बड़ी आईटी कंपनी में नौकरी करने वाली उनकी बेटी धीरे‑धीरे मानसिक तनाव और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार होती चली गई. परिवार के मुताबिक, काम का दबाव, टॉक्सिक माहौल और लगातार डर ने उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी.
NDTV से बातचीत में पीड़िता के परिवार ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर अपनी पीड़ा साझा की. परिवार ने बताया कि उनकी बेटी पहले बेहद आत्मविश्वासी और मेहनती थी, लेकिन बीते कुछ समय में वह पूरी तरह बदल गई थी. ऑफिस से लौटने के बाद वह अक्सर चुप रहती, किसी से बात नहीं करती और हमेशा तनाव में डूबी रहती थी.
दादी ने सुनाई दर्दभरी कहानी
पीड़िता की दादी ने भावुक होते हुए बताया कि परिवार को कई बार महसूस हुआ कि कुछ बहुत गलत हो रहा है, लेकिन उनकी पोती जानबूझकर चुप रहती थी ताकि घर वालों को चिंता न हो. दादी ने कहा कि वह अंदर ही अंदर सब कुछ सह रही थी, लेकिन परिवार को सच बताने से बचती थी.
ऑफिस में बेहोश होने की घटना
परिवार ने एक साल पहले की एक डराने वाली घटना याद की. उन्होंने बताया कि पीड़िता एक दिन ऑफिस में अचानक बेहोश हो गई थी, जिसके बाद उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उस समय बहुत पूछने पर भी उसने बेहोश होने की असली वजह नहीं बताई. आज जांच आगे बढ़ने के बाद परिवार को लग रहा है कि उस चुप्पी के पीछे गहरा डर छिपा था.
काम का दबाव और टॉक्सिक माहौल
परिवार के मुताबिक, पीड़िता पिछले दो सालों से एक ऐसे प्रोफेशनल दबाव में फंसी हुई थी, जहां वह खुद को असहाय महसूस कर रही थी. कंपनी जॉइन करने के बाद उसने कई बार अपनी परेशानियां साझा की थीं, लेकिन यह मानकर चल रही थी कि तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट पूरा किए बिना वह नौकरी नहीं छोड़ सकती. यही मजबूरी धीरे‑धीरे मानसिक कैद बन गई.
माइग्रेन और व्यवहार में बदलाव
लगातार तनाव के चलते उसे गंभीर माइग्रेन की शिकायत हो गई थी. परिवार ने बताया कि उसके व्यवहार में साफ बदलाव नजर आने लगे थे. काम पर जाते समय और लौटते वक्त वह हमेशा थकी हुई, परेशान और डरी हुई लगती थी, जो परिवार के लिए चिंता का कारण बन गया था.
शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ा असर
इस पूरे तनाव का असर उसकी निजी जिंदगी पर भी पड़ा. शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे, और उसी दौरान यह मानसिक आघात सामने आया. परिवार ने चिंता जताई कि यह ट्रॉमा उसकी नई‑नई शादी के नाज़ुक दौर को भी खतरे में डाल सकता है. उन्होंने बताया कि ससुराल पक्ष भी उसकी हालत को लेकर उतना ही परेशान है.
इंसाफ की मांग
दादी ने कांपती आवाज में कहा, “मेरी पोती बहुत मेहनती और सपने देखने वाली थी. वह सिर्फ काम करना चाहती थी और परिवार का नाम रोशन करना चाहती थी.” परिवार ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द इंसाफ की मांग की है, ताकि सभी परिवार एक बार फिर सुरक्षित महसूस कर सकें.
परिवार ने बताया कि इस घटना से पहले वे कभी पुलिस स्टेशन तक नहीं गए थे. अब वे चाहते हैं कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और ऐसे कानून बनाए जाएं, जो वर्कप्लेस सेफ्टी और कर्मचारियों की मानसिक सुरक्षा को लेकर और मजबूत हों.
जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले में अब तक सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि निदा खान अभी फरार है. जांच जैसे‑जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे‑वैसे मामले का दायरा भी बढ़ता जा रहा है. अब तक 12 पीड़ित सामने आ चुके हैं और 9 FIR दर्ज की गई हैं.
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