महाराष्ट्र में मॉनसून 2026 की बारिश कहर बरपा रही है. मुबंई समेत कई जिलों में बारिश तबाही मचा रही है. ठाणे जिले के मुंब्रा के यास्मीन पार्क स्थित कादर पैलेस में बीती रात तेज बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां जलभराव के पानी में करंट उतरने से 17 वर्षीय आलिया चांदीवाला की मौत हो गई.
इमारत की बी-विंग में रहने वाली आलिया किसी काम से बाहर निकल रही थी, तभी वह पानी में फैले बिजली के करंट की चपेट में आ गई. घटना के तुरंत बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और स्थानीय नगरसेवक शोएब डोंगरे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और लापरवाही के इस मामले में आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है.
महाराष्ट्र मानसून 2026: मुंबई में गिरे 113 पेड़, 31 जिलों के लिए IMD का अलर्ट जारी
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र को अपने आगोश में ले लिया है. पिछले दो दिनों से मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को राज्य के 31 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
31 जिलों में अलर्ट, तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के 25 जिलों में येलो अलर्ट और 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी.
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: पुणे, यवतमाल, लातूर, धाराशिव, चंद्रपुर और सतारा. यहां प्रशासन को भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है.
येलो अलर्ट वाले जिले: मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नासिक, अहिल्यानगर, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड़, हिंगोली, नांदेड़, अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा और वाशिम.
मुंबई में आंधी-बारिश का तांडव: 24 घंटे में गिरे 113 पेड़
भारी बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने मुंबई की रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक जरूर लगाया है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में पेड़ और उनकी भारी शाखाएं गिरने की 113 घटनाएं दर्ज की गईं. राहत की बात यह है कि इस दौरान किसी बड़े हादसे या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है. नगर निगम की टीमें सड़कों से मलबा हटाने के काम में जुटी हैं.
तीन मौसम प्रणालियों का 'कॉकटेल' है यह बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में अचानक आई इस भारी बारिश की वजह कोई एक सिस्टम नहीं है. दरअसल, इस समय आसमान में तीन अलग-अलग वायुमंडलीय प्रणालियां एक साथ सक्रिय हो गई हैं. इनके आपसी टकराव और तालमेल की वजह से मानसून अचानक इतना उग्र और सक्रिय हो गया है. कोंकण, गोवा और मुंबई में झमाझम बारिश के साथ ही मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. महाराष्ट्र के अलावा इसने गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में भी दस्तक दे दी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं