- ठाणे के मुंब्रा से AIMIM पार्षद सहर शेख का जाति प्रमाण पत्र जांच में अवैध पाया गया है
- सहर UP के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. उन पर गलत जानकारी देकर प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप है
- तहसीलदार ने सहर शेख और उनके पिता यूनुस शेख के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की सिफारिश की है
ठाणे के मुंब्रा से AIMIM की पार्षद सहर शेख की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उनका नगरसेवक पद अब खतरे में है.तहसीलदार उमेश पाटिल की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सहर शेख की तरफ से जमा किया गया जाति प्रमाण पत्र अवैध पाया गया है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सहर शेख मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली हैं, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर गलत जानकारी देकर प्रमाण पत्र हासिल किया था.
सहर शेख के जाति प्रमाण पत्र पर बवाल
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सहर शेख ने जाति सत्यापन विभाग, चुनाव विभाग और उप-विभागीय जिलाधिकारी कार्यालय के साथ धोखाधड़ी की है. जिसके बाद तहसीलदार उमेश पाटिल ने सहर शेख और उनके पिता यूनुस शेख के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है. यह सिफारिश उप-विभागीय जिलाधिकारी ठाणे और कोंकण विभाग जाति सत्यापन समिति को भेज दी गई है.
सहर के पिता का जाति प्रमाण पत्र भी अवैध
यह पूरा मामला सिद्दीकी अहमद नामक व्यक्ति की शिकायत के बाद सामने आया. उनकी शिकायत के आधार पर हुई प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि सहर के पिता का भी जाति प्रमाण पत्र अवैध था, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई शुरू हुई है.
सहर शेख का पार्षद पर खतरे में
बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की पार्षद सहर शेख के चुनाव जीतने के बाद दो वीडियो जमकर वायरल हुए थे. एक में वह एक सभा में कहती नजर आई थीं कि कैसा हराया. और दूसरे वीडियो में कह रह रही थीं कि पूरे मुंब्रा को हे रंग में रंग दंगे. इसे लेकर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. जिसके बाद सहर शेख ने माफी मांगी थी. उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि हरे रंग में रंगने से उनका मतलब पार्टी के हरे झंडे से था. सहर शेख एक बार फिर से विवादों में हैं.
ये भी पढ़ें- 'मुंब्रा को हरा बना देंगे', बयान पर AIMIM पार्षद सहर शेख ने मांगी माफी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं