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केतन अग्रवाल मर्डर केस: कार छोड़ स्कूटर से किला पहुंचा था चेतन, 'बैठने' का कोड मिलते ही दिया धक्का

पुणे के बिल्डर केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी चेतन चौधरी टोल नाके और सीसीटीवी से बचने के लिए कार छोड़ स्कूटर से लोहगढ़ किला पहुंचा था . इसके बाद मंगेतर सिया गोयल के 'बैठने' का सीक्रेट कोड वर्ड मिलते ही उसने केतन को गहरी खाई में धक्का दिया था .पुलिस ने पूरा क्राइम सीन डमी से रीक्रिएट भी किया है.

केतन अग्रवाल मर्डर केस: कार छोड़ स्कूटर से किला पहुंचा था चेतन, 'बैठने' का कोड मिलते ही दिया धक्का

केतन हत्याकांड मामले में पुणे पुलिस की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं.अब पता चला है कि केतन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद सोची-समझी और शातिर साजिश रची थी. पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पुलिस ट्रैकिंग और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए कार के बजाय स्कूटर का इस्तेमाल किया था और हत्या के लिए बकायदा एक सीक्रेट कोड वर्ड तय किया था.

टोल रिकॉर्ड से बचने के लिए स्कूटर का इस्तेमाल

पुलिस जांच में यह बात साफ हुई है कि आरोपी चेतन चौधरी को इस बात का अच्छे से अंदाजा था कि अगर वह कार से जाएगा, तो टोल प्लाजा के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, फास्टैग ट्रैकिंग और सीसीटीवी कैमरों में उसकी लोकेशन दर्ज हो जाएगी. इसी डिजिटल फुटप्रिंट से बचने के लिए उसने कार के बजाय स्कूटर से पुणे से लोनावला के लोहगढ़ किले तक का सफर तय किया. वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को चकमा देने के लिए वह उसी स्कूटर से वापस पुणे लौट आया. पुलिस ने अब हत्या की साजिश में इस्तेमाल किए गए इस स्कूटर को भी जब्त कर लिया है.

हुडी बदलकर पहचान छिपाने की कोशिश

पुलिस जांच के मुताबिक, चेतन ने लोहगढ़ किले पर चढ़ते समय अपनी पहचान छिपाने और वहां मौजूद अन्य पर्यटकों का ध्यान भटकाने के लिए एक हुडी (जैकेट) पहन रखी थी.

किले के ऊपर पहुंचने और वारदात को अंजाम देने के ठीक बाद उसने वह हुडी उतार दी और सिर्फ एक काली टी-शर्ट में आ गया. इसके बाद वहां से भागते समय उसने वह हुडी दोबारा पहन ली ताकि ऊपर चढ़ते और नीचे उतरते समय किसी एक हुडी वाले शख्स का हुलिया पुलिस के हाथ न लग सके.

हत्या की जगह तय करने के लिए की थी रिहर्सल

पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला सच भी सामने आया है कि सिया और चेतन ने इस हत्या को अचानक अंजाम नहीं दिया था. दोनों आरोपियों ने केतन की हत्या के लिए सही और सुरक्षित जगह चुनने के मकसद से पहले भी लोहगढ़ किले का दौरा किया था. दोनों ने वहां बकायदा इस पूरी वारदात का रिहर्सल (पूर्वाभ्यास) भी किया था ताकि केतन को गहरी खाई में धकेलते समय कोई चूक न हो और इसे महज एक हादसा दिखाया जा सके.
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'बैठना' था मौत का सीक्रेट कोड वर्ड

वारदात के वक्त केतन को गहरी खाई में धकेलने के लिए सिया और चेतन के बीच 'बैठना' एक सीक्रेट कोड वर्ड तय हुआ था. यह कोड वर्ड चेतन के लिए हमला करने का फाइनल सिग्नल था. तय प्लानिंग के तहत सिया को केतन के सामने या तो पानी पीने के लिए या फिर अपने जूते के फीते बांधने के बहाने नीचे बैठना था. सिया के नीचे बैठने के इस इशारे के पीछे एक सोची-समझी वजह यह भी थी कि जब चेतन पीछे से धक्का दे, तो गिरते समय केतन खुद को बचाने के लिए सिया को न पकड़ सके और सिया की जान पूरी तरह सुरक्षित रहे.

डमी की मदद से क्राइम सीन रीक्रिएट

इस पूरे घटनाक्रम और साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए पुलिस ने रविवार को आरोपी सिया गोयल को साथ लेकर लोहगढ़ किले का दौरा किया. पुलिस टीम ने किले के उसी पॉइंट पर जाकर एक डमी की मदद से पूरे क्राइम सीन को दोबारा रीक्रिएट किया ताकि यह पूरी तरह सत्यापित किया जा सके कि आरोपियों ने किस एंगल से और कैसे केतन को खाई में धकेला था. पुलिस अब इस मामले में अन्य वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है.
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